भोपाल। Bhopal BJP Protest : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में सोमवार को भोपाल में भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने के लिए पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी बैरिकेड पर चढ़ गए।
दूसरी ओर, भाजपा के प्रदर्शन को देखते हुए युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता भी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर लाठियां और फूल लेकर तैनात रहे। रेडक्रॉस अस्पताल के सामने शिवाजी नगर चौराहे पर दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। इससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश की।
पैदल मार्च निकालकर कांग्रेस कार्यालय पहुंचे भाजपा नेता
भाजपा के प्रदर्शन में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य, विधायक भगवानदास सबनानी और रामेश्वर शर्मा, महापौर मालती राय तथा भोपाल शहर अध्यक्ष रविंद्र यति समेत कई नेता शामिल हुए। भाजपा कार्यकर्ता रेडक्रॉस अस्पताल के सामने एकत्र हुए और पैदल मार्च करते हुए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी।
भाजपा नेताओं ने खरगे की टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। लाल सिंह आर्य ने कांग्रेस पर अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जबकि रामेश्वर शर्मा ने पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। रविंद्र यति ने भी कांग्रेस को चुनौती देते हुए बयानबाजी की।
कांग्रेस कार्यकर्ता फूल और लाठियां लेकर रहे मौजूद
भाजपा के प्रदर्शन से पहले ही युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहुंच गए थे। भोपाल युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अंकित दुबे ने आरोप लगाया कि भाजपा किसी भी मुद्दे पर कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर हंगामा करने की कोशिश करती है। उन्होंने पिछली बार कार्यालय के बाहर पोस्टर फाड़े जाने की घटना का भी उल्लेख किया।
दुबे ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्वक आएंगे तो उन्हें गुलाब देकर स्वागत किया जाएगा, लेकिन अराजकता फैलाने की कोशिश का जवाब लाठियों से दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों की ओर से लगातार नारेबाजी होती रही। हालात बिगड़ने की आशंका के बीच पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की।
पटना में खरगे की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत रविवार को पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के दौरान हुई टिप्पणी से हुई। एक व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में खरगे ने कहा था, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इसके बाद भाजपा नेताओं ने बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अमर्यादित टिप्पणी बताया।
भोपाल में इस बयान के विरोध में हुए प्रदर्शन ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया। भाजपा ने जहां इसे राजनीतिक मर्यादा से जुड़ा मुद्दा बताया, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर पार्टी कार्यालय में हंगामा करने की कोशिश का आरोप लगाया। बैरिकेडिंग, नारेबाजी और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बीच दोनों दलों के समर्थकों के आमने-सामने आने से राजधानी में सियासी माहौल गरमा गया।


