हरदा । एक युवती अपनी माँ के साथ अपनी नवजात बच्ची को जिला अस्पताल से कुछ दूरी पर नाली किनारे छोड़ गई थी। गुरुवार शाम करीब 6 बजे वह अस्पताल के पास नाली किनारे दिखी। किसी ने 112 को खबर की । इवेंट के आधार पर मौके पर पहुंचकर स्टाफ द्वारा नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया।
शुक्रवार को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में दो महिलाएं बच्ची को वाहनों की आड़ में रखते दिखीं। मिली जानकारी में शुक्रवार सुबह युवती बच्ची का पता लगाने अस्पताल पहुंची थी। वहां गार्ड ने उसे पहचान लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।
पुलिस ने मामले में युवती और उसकी मां के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है।
फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
मजदूरी करने के दौरान हुआ था संपर्क
मिली जानकारी के अनुसार युवती मजदूरी करने के दौरान एक युवक के संपर्क में आई थी। बताते हैं कि युवती मुस्लिम हैं और वह जिस युवक के संपर्क में आई थी, वह आदिवासी बताया जाता है। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि होना बाकी है। पुलिस इस मामले में अभी हिरासत में ली गई युवती से पूछताछ कर रही है। सच क्या है, उगलवाने की कोशिश कर रही है।
सवालों के नहीं मिल रहे जवाब
हरदा पुलिस युवती व उसकी मां पर मामला दर्ज करने की बात तो कह रही है। वे किस जगह से हैं? उनके नाम क्या हैं? युवक कौन है, कहाँ रहता है आदि सवालों के जवाब देने से पुलिस बच रही है।
जिस युवती ने गुरुवार को नवजात को जन्म दिया । उसके द्वारा गर्भ ठहरने की जानकारी मां को या अन्य को दी गयी थी या नहीं ? इतने दिन इंतज़ार कैसे किया गया ? इस अवस्था के दौरान 9 माह में किसी प्रकार परिवार को भनक क्यों न हुई? क्या कोई चिकित्सा सुविधा ली गयी या नहीं ? हॉस्पिटल में इनकी पर्ची नाम से बनी या नहीं। यदि नहीं तो मरीज को बिना नाम कैसे भर्ती किया ? आदि अनेक सवाल हैं जिनके जवाब अप्राप्त हैं।
इनका कहना है
एसडीओपी शालिनी परस्ते ने बताया कि लावारिस नवजात शिशु के मामले में डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई थी। स्टाफ ने नवजात को हॉस्पिटल पहुंचाया। इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दो संदिग्ध महिलाएं दिखाई दीं। फुटेज के आधार पर दोनों महिलाओं की पहचान मां-बेटी के रूप में हुई है। मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और दोनों से पूछताछ की जा रही है। युवती बार-बार बयान बदल रही है। युवती ठीक से कुछ बता न पा रही हैं। उसकी काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्यों को बुलाया है।


