मुंबई में इंडिया केम-2026 का आगाज, वैश्विक निवेशकों के साथ औद्योगिक सहयोग और रोजगार की संभावनाओं पर होगी चर्चा
भोपाल। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को मुंबई में आयोजित इंडिया केम-2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। 22 से 24 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के निवेशकों के सामने प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, औद्योगिक अधोसंरचना और राज्य सरकार की नीतियों को प्रस्तुत करेंगे।
भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, विशेषज्ञ और नीति निर्माता भाग लेंगे। रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश पर चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन उद्घाटन सत्र के बाद औद्योगिक प्रदर्शनी, मुख्य कार्यपालक अधिकारियों का फोरम और कारोबारी नेटवर्किंग के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारत-अमेरिका, भारत-जापान और भारत-यूरोपीय संघ के रसायन एवं पेट्रोकेमिकल फोरम में व्यापार, औद्योगिक सहयोग और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। इस दौरान क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्योगों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
नई तकनीक और पर्यावरण पर होगा मंथन
23 अक्टूबर को सम्मेलन के दूसरे दिन विशेष रसायन, पेट्रोकेमिकल उद्योग, औद्योगिक अधोसंरचना और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा। संयंत्र एवं मशीनरी, पंप, वाल्व और कृषि रसायन जैसे क्षेत्रों पर भी परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें उत्पादन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और पर्यावरण संबंधी चुनौतियों से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी। सम्मेलन के अंतिम दिन 24 अक्टूबर को भी प्रदर्शनी जारी रहेगी।
निवेश से उद्योग और रोजगार बढ़ाने की कोशिश
रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग विनिर्माण, औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला और सहायक उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने से औद्योगिक उत्पादन का विस्तार होने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश सरकार इंडिया केम-2026 के मंच का उपयोग निवेशकों को प्रदेश की औद्योगिक सुविधाओं, उपलब्ध संसाधनों और निवेश नीतियों से परिचित कराने के लिए करेगी। मुख्यमंत्री उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित निवेशकों के साथ संवाद कर प्रदेश में रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं को सामने रखेंगे। सरकार की कोशिश इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित कर औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की है।


