भोपाल। State Transport Authority: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य परिवहन प्राधिकरण के गठन से संबंधित राज्य शासन की 10 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना को वैध ठहराया है। अदालत ने निजी बस ऑपरेटर हरिशंकर सिंह पटेल एवं अन्य की ओर से दायर रिट याचिका खारिज कर दी। इस फैसले से अंतरराज्यीय परमिट आवेदनों सहित परिवहन प्राधिकरण से जुड़े अन्य मामलों में नियमानुसार निर्णय लेने का रास्ता साफ हो गया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने की। याचिकाकर्ताओं ने राज्य परिवहन प्राधिकरण के गठन के संबंध में जारी शासन की अधिसूचना की वैधानिकता को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं और राज्य शासन की ओर से अपने-अपने पक्ष में दलीलें पेश की गईं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अधिसूचना को कानून के अनुरूप मानते हुए याचिका खारिज कर दी। अदालत ने राज्य शासन को विधि के अनुसार आगे की कार्रवाई करने की स्वतंत्रता भी दी।
याचिका खारिज होने के बाद राज्य परिवहन प्राधिकरण से संबंधित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।


