भोपाल। National Nutrition Month 2026: राष्ट्रीय पोषण माह-2026 में मध्यप्रदेश ने पोषण जागरूकता और जनभागीदारी के मामले में देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रदेश में 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक पोषण संबंधी गतिविधियों की 1 करोड़ 9 लाख 66 हजार 805 प्रविष्टियां दर्ज की गईं। इस उपलब्धि में मंदसौर और नीमच जिलों की विशेष भूमिका रही। दोनों जिलों ने राष्ट्रीय स्तर पर क्रमशः पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया है। ये दोनों जिले महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के प्रभार वाले जिले हैं।
प्रदेश के सभी 55 जिलों की भागीदारी ने इस अभियान को व्यापक स्वरूप दिया है। यह उपलब्धि पोषण को जनआंदोलन बनाने और आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, देखभाल तथा प्रारंभिक बाल विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों को दर्शाती है।
राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक देशभर में कुल 11 करोड़ 91 लाख 64 हजार 823 गतिविधियों की प्रविष्टियां दर्ज की गईं। इनमें बिहार 1 करोड़ 49 लाख 93 हजार 265 प्रविष्टियों के साथ पहले स्थान पर रहा। महाराष्ट्र ने 1 करोड़ 38 लाख 66 हजार 923 प्रविष्टियों के साथ दूसरा और मध्यप्रदेश ने 1 करोड़ 9 लाख 66 हजार 805 प्रविष्टियों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 2 लाख 90 हजार 37, राजस्थान में 91 लाख 78 हजार 866, गुजरात में 84 लाख 23 हजार 561 और छत्तीसगढ़ में 71 लाख 93 हजार 724 गतिविधियों की प्रविष्टियां दर्ज की गईं।
राष्ट्रीय स्तर पर कुल 788 जिलों में से 785 जिलों की भागीदारी दर्ज हुई। वहीं, मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों ने इस अभियान में हिस्सा लेकर प्रदेश की स्थिति मजबूत की।
मंदसौर और नीमच ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का गौरव
राष्ट्रीय पोषण माह में मंदसौर जिले ने देशभर में पहला और नीमच ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। दोनों जिलों की इस उपलब्धि से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है। इन जिलों में पोषण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों और जनभागीदारी का व्यापक संचालन अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है।
‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है इस वर्ष की थीम
भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समुदाय की भागीदारी से इसे जनआंदोलन का स्वरूप देना है।
पांच प्रमुख विषयों पर केंद्रित हैं गतिविधियां
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान पांच प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन की उपलब्धता, आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं विविधतापूर्ण गर्म पका भोजन, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बच्चों के पोषण के साथ प्रारंभिक विकास और सीखने के लिए प्रोत्साहन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य को सहायता देना शामिल है।


