भोपाल/इटारसी। मध्यप्रदेश के इटारसी स्थित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की प्राचार्य श्रद्धा पाठक को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, भोपाल ने कथित तौर पर तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक फर्म के नवीनीकरण कार्य से जुड़े बकाया बिलों का भुगतान कराने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। मामले में विद्यालय के एक अन्य कर्मचारी की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
बकाया बिलों के भुगतान के बदले मांगी रकम
जानकारी के अनुसार, भोपाल की एक फर्म को केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में नवीनीकरण का काम मिला था। यह काम सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से जारी कार्यादेश के तहत किया जाना था। आरोप है कि काम पूरा होने के बाद बकाया बिलों का भुगतान जारी कराने के एवज में प्राचार्य ने फर्म से तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
फर्म की ओर से इस संबंध में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में शिकायत की गई। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद एजेंसी ने कार्रवाई की योजना बनाई।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल
सीबीआई ने शिकायत का सत्यापन किया और इसके बाद जाल बिछाकर कार्रवाई की। एजेंसी के अनुसार, प्राचार्य को तीन लाख रुपये की कथित रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ा गया। कार्रवाई के बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपियों से जुड़े इटारसी और आगरा स्थित आवासीय तथा कार्यालय परिसरों में तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर सकती है।
फिलहाल मामले में जांच जारी है। रिश्वत मांगने और स्वीकार करने से जुड़े आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। संबंधित पक्षों का जवाब और जांच एजेंसी की विस्तृत आधिकारिक जानकारी मिलने पर मामले के अन्य पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


