भोपाल। Fake Passport Case: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के मामले में एसटीएफ ने जांच तेज करते हुए 29 फरार आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इनाम घोषित किए जाने के बाद एसटीएफ ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी के आधार पर पासपोर्ट तैयार करवाए थे।
एसटीएफ की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले में संदिग्धों की संख्या भी बढ़ रही है। अब तक करीब 70 संदिग्ध आरोपियों को चिन्हित किया जा चुका है। जांच एजेंसी इन लोगों की भूमिका और पासपोर्ट बनवाने में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
विदेश जाने के लिए इस्तेमाल हुए फर्जी पासपोर्ट
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार कराए गए कुछ पासपोर्ट का इस्तेमाल विदेश जाने के लिए किया गया। बताया जा रहा है कि कुछ लोग बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए विदेश गए थे। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन पासपोर्ट का इस्तेमाल किन देशों की यात्रा के लिए किया गया और इसके पीछे नेटवर्क कितना बड़ा है।
पासपोर्ट कार्यालय और पुलिस वेरिफिकेशन भी जांच के घेरे में
जांच का दायरा अब केवल फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने वाले लोगों तक सीमित नहीं है। पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों और दस्तावेजों का पुलिस वेरिफिकेशन करने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट कैसे जारी हो गए और पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान किन स्तरों पर लापरवाही हुई। जांच एजेंसी संभावित मिलीभगत के एंगल से भी पड़ताल कर रही है।
29 फरार आरोपियों की तलाश तेज
एसटीएफ ने फरार चल रहे 29 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इनाम की घोषणा के बाद दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। बाकी आरोपियों की तलाश के लिए एसटीएफ की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यदि पासपोर्ट जारी करने या पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान किसी अधिकारी-कर्मचारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


