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    AI से मानव सभ्यता को बड़ा खतरा? नोबेल विजेता जेफ्री हिंटन ने 10 साल में गंभीर जोखिम की दी चेतावनी

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    लंदन। Artificial Intelligence : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र के प्रमुख वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता जेफ्री हिंटन ने AI के तेजी से बढ़ते विकास को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में अत्यधिक सक्षम AI सिस्टम मानव सभ्यता के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। हिंटन ने अनुमान जताया है कि अगले 10 साल में AI से मानव अस्तित्व को बड़ा खतरा पैदा होने की संभावना करीब 10 फीसदी हो सकती है।

    हालांकि, हिंटन ने स्पष्ट किया कि यह 10 फीसदी का आंकड़ा कोई निश्चित वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं है। उनके अनुसार, मौजूदा समय में ऐसी तकनीक से जुड़े अस्तित्वगत जोखिम का सटीक आकलन करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक आधार उपलब्ध नहीं है।

    पहले 30 से 50 साल का था अनुमान

    जेफ्री हिंटन ने बताया कि AI से मानव अस्तित्व को संभावित खतरे को लेकर उनका अनुमान समय के साथ बदला है। कुछ वर्ष पहले उनका मानना था कि इस तरह का गंभीर खतरा सामने आने में 30 से 50 साल लग सकते हैं।

    बाद में उन्होंने इस अनुमान को घटाकर 10 से 20 साल कर दिया। अब उनका मानना है कि ऐसा जोखिम अगले 10 साल या उससे भी कम समय में सामने आ सकता है। हिंटन के मुताबिक, AI क्षेत्र के कुछ अन्य विशेषज्ञ इससे भी कम समय की संभावना पर विचार कर रहे हैं।

    इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान AI की चिंता

    हिंटन की सबसे बड़ी चिंता ऐसे AI सिस्टम को लेकर है, जो भविष्य में इंसानों की बौद्धिक क्षमताओं से आगे निकल सकते हैं। उनका तर्क है कि मानव इतिहास में इससे पहले ऐसी तकनीक नहीं आई, जिसके बारे में यह संभावना हो कि वह अपने रचनाकारों यानी इंसानों से अधिक बुद्धिमान बन जाए।

    ऐसे में चुनौती सिर्फ AI को विकसित करने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि भविष्य में अत्यधिक शक्तिशाली AI सिस्टम मानव नियंत्रण और निगरानी के दायरे में रहें।

    AI के फायदे भी, लेकिन सुरक्षा जरूरी

    हिंटन AI के संभावित खतरों के साथ-साथ इसकी उपयोगिता को भी स्वीकार करते हैं। AI स्वास्थ्य, विज्ञान, शिक्षा और दूसरे क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला सकता है। लेकिन उनका मानना है कि तकनीक के विकास के साथ-साथ AI सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और नियमन पर भी समान रूप से काम किया जाना चाहिए।

    अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर

    AI से जुड़े संभावित जोखिमों से निपटने के लिए हिंटन ने देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा नियमों की जरूरत पर जोर दिया है। उनके मुताबिक, दुनिया के सभी देशों का साझा हित इस बात में है कि भविष्य में अत्यधिक शक्तिशाली AI सिस्टम मानव नियंत्रण से बाहर न जाएं।

    हिंटन की चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है, जब AI की क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं और इसके उपयोग के साथ सुरक्षा, नियंत्रण और नियमन को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस भी तेज हो रही है।

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