नई दिल्ली। N Chandrasekaran : टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन अब वर्ष 2032 तक कंपनी की कमान संभालेंगे। टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार को उनके कार्यकाल को पांच साल के लिए बढ़ाने की मंजूरी दे दी। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना था। नए कार्यकाल के साथ चंद्रशेखरन 70 वर्ष की उम्र तक टाटा संस के चेयरमैन पद पर रहेंगे।
एन चंद्रशेखरन अक्टूबर 2016 में पहली बार टाटा संस के बोर्ड में शामिल हुए थे। जनवरी 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया। इससे पहले उन्होंने टाटा समूह की प्रमुख आईटी कंपनी TCS में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं। उन्होंने वर्ष 1987 में TCS में इंटर्न के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी।
65 साल की उम्र के बाद भी चेयरमैन पद पर रहेंगे
टाटा समूह की सामान्य नीति के तहत एग्जीक्यूटिव पदों पर 65 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट का प्रावधान है। हालांकि, नॉन-एग्जीक्यूटिव भूमिका में 70 वर्ष तक पद पर बने रहने की अनुमति है। चंद्रशेखरन फरवरी 2027 में 65 वर्ष के हो जाएंगे। ऐसे में नए कार्यकाल के तहत वे वर्ष 2032 तक टाटा संस के चेयरमैन रहेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स में उनके कार्यकाल विस्तार को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के कुछ सदस्यों के बीच मतभेद की बात सामने आई थी। कुछ ट्रस्टों की ओर से नियुक्ति को चुनौती दिए जाने की संभावना भी जताई गई थी। हालांकि, टाटा संस के बोर्ड ने अब पांच साल के कार्यकाल विस्तार को मंजूरी दे दी है।
चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा समूह का विस्तार
एन चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने कई नए और रणनीतिक क्षेत्रों में विस्तार किया है। इनमें एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल कारोबार प्रमुख हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020 में टाटा समूह का राजस्व करीब 7.89 लाख करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में समूह का मुनाफा करीब 32,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण भी 2020 के करीब 9.31 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2026 में 24.39 लाख करोड़ रुपये हो गया।
टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स में क्या अंतर है?
टाटा संस टाटा समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी है, जबकि टाटा ट्रस्ट्स परोपकारी ट्रस्टों का समूह है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। TCS, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा पावर समेत कई प्रमुख कंपनियां टाटा समूह का हिस्सा हैं।


