भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव की सुगबुगाहट के बीच कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर पार्टी ने प्रदेश को 13 क्षेत्रों में बांटकर प्रभारियों की नियुक्ति की है। इन प्रभारियों को छात्र संगठनों से समन्वय, चुनावी रणनीति तैयार करने और NSUI समर्थित उम्मीदवारों को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस की ओर से जारी सूची के मुताबिक भोपाल की जिम्मेदारी प्रकाश चौकसे और इंदौर की अमन बजाज को दी गई है। ग्वालियर में हेवरन कसाना को प्रभारी बनाया गया है। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर की जिम्मेदारी मंजुल त्रिपाठी संभालेंगे।
जबलपुर संभाग के जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में विजय रजक चुनावी तैयारियों की कमान संभालेंगे। उज्जैन संभाग के सात जिलों में डॉ. विजय बोडाना, मालवा-निमाड़ के विभिन्न जिलों में दीपक डुंडीर और शिवपुरी, गुना, अशोकनगर व दतिया में सौरभ यादव को जिम्मेदारी दी गई है।
प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चुनाव पर फैसला बाकी
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के अकादमिक कैलेंडर में सितंबर में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने का प्रावधान किया है। हालांकि चुनाव प्रत्यक्ष होंगे या अप्रत्यक्ष, इस पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
कांग्रेस और NSUI लगातार प्रत्यक्ष चुनाव की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि छात्रों को सीधे अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। वहीं भाजपा का कहना है कि चुनाव प्रणाली पर छात्र संगठनों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद फिर खुला चुनाव का रास्ता
छात्रसंघ चुनाव बहाल करने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। याचिका में 2017 के बाद चुनाव नहीं होने के बावजूद छात्रों से छात्रसंघ शुल्क लिए जाने का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद सरकार ने सितंबर 2026 में चुनाव कराने का प्रावधान अकादमिक कैलेंडर में शामिल किया।
मध्य प्रदेश में 2003 में प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव बंद कर दिए गए थे। 2006 के बाद चुनाव पूरी तरह रोक दिए गए। वर्ष 2017 में चुनाव फिर शुरू हुए, लेकिन इसके बाद दोबारा चुनाव नहीं हो सके। ऐसे में अब करीब नौ साल बाद कॉलेज परिसरों में छात्र राजनीति के सक्रिय होने की उम्मीद बढ़ गई है।
लिंगदोह समिति के नियमों के तहत होंगे चुनाव
छात्रसंघ चुनाव में लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत उम्मीदवारों की उम्र, उपस्थिति, चुनावी खर्च, आपराधिक पृष्ठभूमि सहित कई नियम लागू होंगे। कांग्रेस द्वारा 13 क्षेत्र प्रभारियों की नियुक्ति के बाद साफ है कि संभावित सितंबर चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ने वाली है।


