भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। रीवा, बालाघाट समेत 14 जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।
मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, डिंडौरी, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
पहली बार खुलेंगे बरगी डैम के 9 गेट
मंडला, डिंडौरी और आसपास के जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण इस साल पहली बार बरगी बांध के गेट खोले जाएंगे। 18 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट औसतन 0.78 मीटर की ऊंचाई तक खोले जाएंगे। इससे करीब 1031 क्यूमेक पानी की निकासी की जाएगी।
17 अगस्त की रात 8 बजे बरगी बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि बांध में पानी की आवक करीब 1620 क्यूमेक बताई गई है। लगातार बारिश और बढ़ती आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन ने जल निकासी का निर्णय लिया है।
40 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक करीब 19 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 4 से 58 फीसदी तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी औसत से 1 से 49 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है।
15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 15 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।
कई मौसम सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्यप्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी वायुमंडल में दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन भी गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 17 से 21 अगस्त के बीच मध्यप्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश में फिलहाल सिस्टम का ज्यादा प्रभाव रहने से भारी बारिश के साथ नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है।


