नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो साझा करते हुए जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने उन्हें और उनकी मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, लेकिन वह उन्हें सजा नहीं, बल्कि सही राह दिखाने का अवसर देना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं। दुनिया ने यह सब देखा। बचपन में गलतियां हो जाती हैं, लेकिन उन्हें सुधारने का अवसर भी मिलना चाहिए। यही बचपन की पहचान है।”
उन्होंने आगे कहा कि समाज में मौजूद आक्रोश को वह अच्छी तरह समझते हैं और मानते हैं कि गुमराह युवाओं को सही दिशा दिखाने की जरूरत है। “मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं। यह समय उन्हें राह दिखाने का है, न कि केवल उनकी गलतियों पर चर्चा करने का।”
9 दिनों में पांचवां वीडियो
पिछले नौ दिनों में प्रधानमंत्री मोदी का यह पांचवां वीडियो संदेश है। हाल के दिनों में उन्होंने लगातार परीक्षा सुधार, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है।
- 30 जुलाई: संसद से पेपर लीक संशोधन विधेयक पारित होने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि कई दशकों से राज्य और केंद्र सरकारें पेपर लीक जैसी समस्या से जूझ रही हैं और इसका सबसे बड़ा नुकसान छात्रों के भविष्य को होता है।
- 26 जुलाई: प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए हाई-पावर टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी इसकी अध्यक्षता करेंगे।
- 24 जुलाई: सोशल मीडिया पर मिले सकारात्मक सुझावों के लिए प्रधानमंत्री ने लोगों का आभार व्यक्त किया और संवाद जारी रखने की बात कही।
- 23 जुलाई: आधी रात को जारी वीडियो में उन्होंने पेपर लीक को लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए गंभीर संकट बताते हुए सख्त कानून लाने का ऐलान किया था।
पेपर लीक आंदोलन की पृष्ठभूमि
नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन 3 मई से शुरू हुआ था। इसके बाद सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से अभियान चला और जंतर-मंतर पर कई दिनों तक प्रदर्शन हुआ। बाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया।


