राम मंदिर दान प्रबंधन मामले में 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई, 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 27 जुलाई तक बढ़ी
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण के बाद पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। ट्रस्ट ने सोमवार को CEO पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का हिंदू होना अनिवार्य रखा गया है।
ट्रस्ट की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, CEO पद के लिए उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के तौर पर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) होना जरूरी है। चयनित CEO श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक निर्धारित की गई है।
चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त
इधर, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और दान प्रबंधन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि रिपोर्ट में जांच अधिकारियों की पूरी जानकारी भी शामिल की जाए। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि SIT की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जाएगी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि रिपोर्ट में SIT के गठन, जांच प्रक्रिया और उसकी संरचना से जुड़ी सभी जानकारियां स्पष्ट होनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
दान प्रबंधन की समीक्षा के लिए याचिकाएं दाखिल
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। याचिकाओं में जांच को किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने और मंदिर में आने वाले दान के प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है।
8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी
वहीं, अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। स्पेशल कोर्ट की जज प्रतिभा नारायण ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाते हुए उन्हें 27 जुलाई तक जेल भेजने का आदेश दिया।
इससे पहले पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी मामले के सभी आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।


