कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बड़ाईक को पार्टी ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। भाजपा के इस फैसले को बंगाल की राजनीति में बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
तीनों नेताओं ने गुरुवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी और कुछ ही घंटों बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर उन पर भरोसा जताया। यह उपचुनाव उन तीन राज्यसभा सीटों के लिए हो रहा है, जो इन नेताओं के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थीं। चुनाव आयोग ने इन सीटों पर 24 जुलाई को मतदान कराने की घोषणा की है।
इसके साथ ही भाजपा ने गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सतीशभाई गोविंदभाई पटेल को पार्टी उम्मीदवार बनाया है।
प्रकाश चिक बड़ाईक बोले- हमारा लक्ष्य सिर्फ विकास
राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद प्रकाश चिक बड़ाईक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन राज्य और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं प्रभावित हुईं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मौजूदा बजट में उत्तर बंगाल के लिए एम्स, नए मेडिकल कॉलेज, सिलीगुड़ी से दिल्ली तक बुलेट ट्रेन और हासीमारा में एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा गया है। उनका कहना था कि यदि पहले बेहतर समन्वय होता, तो राज्य को विकास के अधिक अवसर मिलते।
टीएमसी छोड़ने के बाद भाजपा में नई शुरुआत
सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बड़ाईक ने हाल ही में टीएमसी से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। उनके अगले कदम को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर गुरुवार को विराम लग गया जब तीनों भाजपा में शामिल हो गए।
अब राज्यसभा टिकट मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा इन नेताओं को राष्ट्रीय राजनीति में भी अहम भूमिका देना चाहती है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के प्रमुख चेहरों का भाजपा में शामिल होना और तुरंत राज्यसभा टिकट मिलना पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा की आक्रामक रणनीति का संकेत है। इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।


