नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की खरीद-बिक्री को लेकर आम लोगों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। भारत सरकार ने 1 जुलाई 2026 से ईंधन बिक्री पर लागू सभी अस्थायी प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है। सरकार की ओर से सोमवार को जारी आदेश के अनुसार अब पेट्रोल पंपों और रिटेल आउटलेट्स पर पहले की तरह सामान्य रूप से पेट्रोल और डीजल की बिक्री होगी।
1 जुलाई से क्या बदल जाएगा?
सरकार के नए आदेश के तहत 1 जुलाई से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लागू सभी प्रतिबंध समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद व्यावसायिक खरीदार भी सीधे पेट्रोल पंपों से अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन खरीद सकेंगे। साथ ही डीजल की दैनिक खरीद पर लगाई गई सीमा भी पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी।
क्यों लगाए गए थे ये प्रतिबंध?
हाल ही में पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी। इसके चलते भारत में भी ईंधन आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ने की आशंका थी। संभावित कमी और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कुछ अस्थायी प्रतिबंध लागू किए थे।
प्रतिबंधों के दौरान क्या थे नियम?
सरकार के आदेश के अनुसार कमर्शियल उपभोक्ताओं को सीधे रिटेल पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल खरीदने की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा डीजल की खरीद पर प्रतिदिन एक निश्चित सीमा तय की गई थी, ताकि सभी क्षेत्रों में ईंधन की उपलब्धता बनी रहे और आपूर्ति प्रभावित न हो।
सरकार के फैसले का क्या होगा असर?
प्रतिबंध हटने के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनियों, उद्योगों और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। वे अपनी जरूरत के अनुसार सीधे पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद सकेंगे। इससे लॉजिस्टिक्स, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार का यह फैसला इस बात का संकेत भी है कि देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति अब सामान्य स्थिति में लौट रही है।
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