भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस फेरबदल में मध्यप्रदेश की सियासत एक बार फिर केंद्र में आ सकती है। चर्चा है कि भिंड से सांसद संध्या राय को केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और हाल ही में राज्यसभा सांसद बने तरुण चुग को कैबिनेट मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इस संभावित विस्तार में मध्यप्रदेश से तीन से चार नए चेहरों को भी जगह मिल सकती है, जिससे राज्य की राजनीतिक भागीदारी केंद्र में और मजबूत होने की संभावना है।
एमपी से मौजूदा मंत्री कौन हैं
वर्तमान में मध्यप्रदेश से कई सांसद केंद्र सरकार में मंत्री पद पर हैं। इनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह चौहान और डॉ. वीरेंद्र कुमार जैसे नेता कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वहीं सावित्री ठाकुर और दुर्गादास उइके राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा राज्यसभा सांसद एल. मुरुगन भी केंद्र में राज्य मंत्री हैं।
संध्या राय को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
भिंड से दूसरी बार सांसद बनीं संध्या राय को मोदी कैबिनेट में जगह मिलने की चर्चा है। वे जाटव समाज से आती हैं और माना जा रहा है कि उन्हें उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में सामाजिक समीकरण साधने के लिए जिम्मेदारी दी जा सकती है। भिंड संसदीय क्षेत्र यूपी-एमपी बॉर्डर पर स्थित होने के कारण राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
संध्या राय इससे पहले विधायक भी रह चुकी हैं और वर्तमान में लोकसभा की कार्यवाही संचालन पैनल में शामिल हैं।
तरुण चुग को पंजाब चुनाव की जिम्मेदारी मिल सकती है
भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुग हाल ही में राज्यसभा पहुंचे हैं। उन्हें केंद्र में कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी रणनीति के तहत उन्हें पंजाब चुनाव और संगठनात्मक प्रचार अभियान की बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मध्यप्रदेश से अन्य संभावित नाम
मध्यप्रदेश भाजपा के कई अन्य नेताओं के नाम भी इस फेरबदल में चर्चा में हैं। खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा को भी केंद्र में बड़ी भूमिका मिल सकती है। वहीं सतना सांसद गणेश सिंह को कुर्मी समाज के प्रभाव को देखते हुए मंत्री पद या संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
यदि आदिवासी प्रतिनिधित्व में बदलाव होता है तो शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह या खरगोन सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल को मौका मिल सकता है।
डॉ. वीरेंद्र कुमार की भूमिका पर भी चर्चा
केंद्र में सामाजिक न्याय मंत्रालय संभाल रहे डॉ. वीरेंद्र कुमार के स्थान पर भी नए चेहरे की चर्चा है। हालांकि उन्हें संगठन या अन्य अहम जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
राज्यपालों के कार्यकाल पर भी नजर
इसी बीच मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल का कार्यकाल 7 जुलाई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में राज्य में नए राज्यपाल की नियुक्ति या मौजूदा कार्यकाल में बदलाव की संभावना भी चर्चा में है। इसके अलावा कई अन्य राज्यों के राज्यपालों के कार्यकाल भी इसी अवधि में समाप्त हो रहे हैं, जिससे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल संभव माना जा रहा है।


