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    Vidisha Weather: गुलाबगंज में मानसून की बेरुखी, सूखे खेतों ने बढ़ाई किसानों की चिंता; सोयाबीन की बुवाई अटकी

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    विदिशा के गुलाबगंज में बारिश का इंतजार, किसानों की बढ़ी चिंता

    अशरफ अली

    विदिशा। कृषि प्रधान गुलाबगंज क्षेत्र में इस बार मानसून की बेरुखी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। जून का अंतिम सप्ताह समाप्त होने को है, लेकिन क्षेत्र के अधिकांश गांवों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। खेतों में नमी नहीं होने से सोयाबीन सहित खरीफ फसलों की बुवाई ठप पड़ी है और किसान रोज आसमान की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं।

    सूखे पड़े खेत, बुवाई पर लगा ब्रेक

    गुलाबगंज, ग्यारसपुर और आसपास के अनेक गांवों में खेत अब भी सूखे पड़े हैं। सामान्य वर्षों में जून के दूसरे सप्ताह तक सोयाबीन की बुवाई तेज हो जाती थी, लेकिन इस बार मानसून करीब 15 दिन देरी से सक्रिय होने के कारण खरीफ सीजन की शुरुआत प्रभावित हो गई है।

    इन गांवों में अब तक नहीं हो सकी सोयाबीन की बुवाई

    अनढिया, मंगवारा, माला, संतापुर, पिपरिया, खुजराहर, चक रघुनाथपुर, गुनआ, मड़ी चौबीसा, सौजना, वन, मेहरूखेड़ी, हाटखेड़ा, लखनगार, सिमराहार, घोसुआ और रुसल्ली सहित कई गांवों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान अब तक बुवाई शुरू नहीं कर सके हैं।

    जल्दबाजी में बुवाई करने वाले किसान भी परेशान

    कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश के बाद किसानों ने जल्दबाजी में सोयाबीन की बुवाई कर दी। अब तेज धूप और नमी खत्म होने से उन्हें बीज अंकुरित नहीं होने की चिंता सताने लगी है। यदि अगले 10 से 15 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो बीज खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा।

    महंगे बीज और बढ़ती लागत ने बढ़ाई चिंता

    किसानों ने पहले से खेतों की जुताई, पाटा, खाद और प्रमाणित बीज की व्यवस्था कर ली थी। कई किसानों ने महंगे दामों पर बीज खरीदे, लेकिन बारिश नहीं होने से उनकी तैयारियां अधूरी रह गई हैं। दोबारा बुवाई की नौबत आई तो लागत दोगुनी हो सकती है।

    कृषि विशेषज्ञों की सलाह

    कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त नमी के बिना बुवाई करना नुकसानदायक हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि अच्छी और लगातार बारिश होने के बाद ही बुवाई करें, ताकि बीज का अंकुरण बेहतर हो और नुकसान से बचा जा सके।

    बारिश पर टिकी पूरे क्षेत्र की उम्मीद

    गांवों में किसान दिनभर मौसम पर नजर बनाए हुए हैं। कहीं मोबाइल पर मौसम की जानकारी देखी जा रही है तो कहीं मंदिरों में अच्छी बारिश के लिए विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो खरीफ फसल पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

    मुख्य बातें 

    – मानसून की देरी से गुलाबगंज क्षेत्र में खरीफ फसल प्रभावित।                                                                       – अधिकांश गांवों में सोयाबीन की बुवाई अब तक शुरू नहीं।
    – जल्दबाजी में बुवाई करने वाले किसानों को बीज खराब होने का डर।
    – कृषि विशेषज्ञों ने पर्याप्त बारिश के बाद ही बुवाई की सलाह दी।
    -समय पर बारिश नहीं हुई तो किसानों की लागत और नुकसान दोनों बढ़ेंगे।

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