भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच वर्षीय कार्यकाल 6 जुलाई 2026 को पूरा हो रहा है। अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि उन्हें कार्यकाल विस्तार मिलेगा या राष्ट्रपति किसी नए राज्यपाल की नियुक्ति करेंगी। मंगुभाई पटेल ने अपने कार्यकाल के दौरान आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल उन्मूलन और सुशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं।
राज्यपाल के भविष्य पर टिकीं निगाहें
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई छगनभाई पटेल का कार्यकाल समाप्त होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या उन्हें दोबारा मौका मिलेगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। अंतिम निर्णय राष्ट्रपति द्वारा लिया जाएगा।
5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले दूसरे राज्यपाल
मंगुभाई पटेल वर्ष 2021 में मध्य प्रदेश के 19वें राज्यपाल बने थे। पिछले 15 वर्षों में वे दूसरे ऐसे राज्यपाल हैं जिन्होंने अपना पूरा पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा किया है। इससे पहले रामनरेश यादव ने वर्ष 2011 से 2016 तक राज्यपाल के रूप में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था।
सिकल सेल अभियान में निभाई अहम भूमिका
राज्यपाल के रूप में मंगुभाई पटेल ने आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल बीमारी के उन्मूलन को विशेष प्राथमिकता दी। उनके प्रयासों से मध्य प्रदेश इस अभियान में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा, जनजातीय कल्याण और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
राष्ट्रपति लेंगी अंतिम फैसला
संविधान के अनुसार राज्यपाल का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है, लेकिन उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक वे पद पर बने रह सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में राष्ट्रपति की ओर से यह स्पष्ट होगा कि मंगुभाई पटेल को कार्यकाल विस्तार मिलेगा या मध्य प्रदेश को नया राज्यपाल मिलेगा।


