नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने महेश दीक्षित को देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का नया निदेशक नियुक्त किया है। वह 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे मौजूदा आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे। सरकार ने महेश दीक्षित की नियुक्ति दो वर्ष के कार्यकाल के लिए की है।
महेश दीक्षित 1993 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं और आंध्र प्रदेश कैडर से संबंध रखते हैं। नियुक्ति से पहले वह आईबी में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे और एजेंसी के दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी माने जाते थे।
आतंकवाद विरोधी अभियानों का लंबा अनुभव
महेश दीक्षित को आतंकवाद विरोधी अभियानों, राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया तंत्र में लंबा अनुभव है। वह इससे पहले जम्मू-कश्मीर सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी) के प्रमुख भी रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील सुरक्षा अभियानों और खुफिया ऑपरेशनों का नेतृत्व किया।
अनुच्छेद 370 हटाने में निभाई अहम भूमिका
अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के दौरान महेश दीक्षित सुरक्षा रणनीति तैयार करने वाले प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे। उन्होंने संभावित सुरक्षा चुनौतियों का आकलन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जी-20 और राष्ट्रीय सुरक्षा में भी अहम योगदान
अधिकारियों के अनुसार, महेश दीक्षित ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा प्रबंधन, संवेदनशील खुफिया समन्वय और दुष्प्रचार से निपटने में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पुनर्गठन के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और खुफिया नेटवर्क को प्रभावी बनाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
30 जून को पूरा होगा तपन डेका का कार्यकाल
मौजूदा आईबी निदेशक तपन कुमार डेका का कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। वह 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश कैडर से संबंध रखते हैं। जुलाई 2022 में आईबी प्रमुख बनने के बाद उन्हें केंद्र सरकार ने दो बार सेवा विस्तार दिया था।
महेश दीक्षित की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब देश के सामने आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और आंतरिक खुफिया चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में उनके अनुभव को राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


