भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य स्तरीय समिति की अंतिम दौर की महत्वपूर्ण बैठक भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में आयोजित हुई। बैठक में भाजपा ने कई अहम सुझाव सौंपते हुए NRI (अनिवासी भारतीय) विवाहों का अनिवार्य पंजीयन, विवाह से पहले सभी महत्वपूर्ण जानकारियों का खुलासा और तथ्य छिपाकर शादी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
समिति की अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई दिल्ली में व्यस्तता के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। उनकी अनुपस्थिति में समिति के अन्य सदस्यों ने विभिन्न सत्रों में आयोगों, विभागों और राजनीतिक दलों से सुझाव प्राप्त किए।
भाजपा ने रखे पारदर्शी विवाह कानून के पक्ष में सुझाव
मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी और निर्वाचन आयोग समन्वय विभाग के प्रदेश संयोजक एस.एस. उप्पल ने समिति को लिखित सुझाव सौंपे। भाजपा ने कहा कि विवाह विश्वास और पारदर्शिता पर आधारित सामाजिक एवं कानूनी संस्था है, इसलिए विवाह से पहले दोनों पक्षों के लिए पहचान, वैवाहिक स्थिति, पूर्व विवाह, तलाक, नागरिकता और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा अनिवार्य किया जाना चाहिए।
भाजपा ने यह भी सुझाव दिया कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देकर या महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर विवाह करता है तो उसे दंडनीय अपराध घोषित किया जाए। पार्टी ने NRI विवाहों के अनिवार्य पंजीयन का भी प्रस्ताव रखा, जिससे विदेशी नागरिकों अथवा विदेश में रहने वाले भारतीयों से जुड़े वैवाहिक विवादों को रोका जा सके।
कांग्रेस समेत चार दल बैठक से रहे दूर
UCC पर सुझाव लेने के लिए छह राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन बैठक में केवल भाजपा और सीपीएम के प्रतिनिधि ही पहुंचे। कांग्रेस, बसपा, आम आदमी पार्टी सहित अन्य दलों ने बैठक में भाग नहीं लिया।
सीपीएम ने किया UCC का विरोध
बैठक में सीपीएम के प्रतिनिधि पीवी रामचंद्रन ने समान नागरिक संहिता का विरोध करते हुए कहा कि प्रदेश और देश में बेरोजगारी, महंगाई और अन्य बुनियादी समस्याएं अधिक गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC का प्रस्ताव आदिवासी और अन्य समुदायों की पारंपरिक व्यवस्थाओं को प्रभावित कर सकता है।
अंतिम रिपोर्ट की तैयारी में समिति
राज्य स्तरीय समिति विभिन्न वर्गों और संस्थाओं से मिले सुझावों के आधार पर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि भाजपा द्वारा दिए गए विवाह पंजीयन, पारदर्शिता और NRI विवाह संबंधी सुझाव रिपोर्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।


