जबलपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर मप्र के जबलपुर शहर ने एक ऐतिहासिक और गौरवशाली आयोजन का साक्षी बनकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। सदर स्थित गैरीसन ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और लगभग 5 हजार नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और योग प्रेमियों ने एक साथ योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई थी। इसी थीम को केंद्र में रखकर कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योगासन और प्राणायाम का सामूहिक प्रदर्शन किया गया। योग विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास बढ़ती उम्र में भी व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से संतुलित और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रपति की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष प्रबंध किए। शहर के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने सुबह से ही कार्यक्रम में पहुंचकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। पूरे आयोजन में अनुशासन, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
गैरीसन ग्राउंड में आयोजित यह राज्य स्तरीय समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया तथा योग के वैश्विक संदेश को नई ऊर्जा प्रदान की। जबलपुर से निकला यह संदेश स्पष्ट था कि स्वस्थ भारत के निर्माण में योग की भूमिका आज पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।


