अशरफ अली
गुलाबगंज (विदिशा)। जिले के गुलाबगंज-बासौदा मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच उभर रही चौड़ी दरार अब वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। टू-लेन सड़क की सेंटर लाइन पर कई स्थानों पर 3 से 4 इंच तक का गैप बन चुका है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) केवल अस्थायी मरम्मत कर मामले को टाल रहा है।
सेंटर लाइन की दरार से बढ़ रहा हादसों का खतरा
स्थानीय निवासी विवेक पाठक के अनुसार, रात के समय अनजान वाहन चालक ओवरटेक करते हुए जैसे ही सड़क की सेंटर लाइन पर आते हैं, उनके वाहन का पहिया दरार में फंस जाता है। इससे वाहन असंतुलित होकर दुर्घटना का शिकार हो सकता है।
वहीं शिक्षक परशुराम शर्मा का कहना है कि विभाग हर वर्ष सड़क की मरम्मत कराता है, लेकिन कुछ समय बाद दरार फिर उभर आती है। उनका कहना है कि अब इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
2018 में बनी सड़क, निर्माण के बाद से ही बनी समस्या
जानकारी के अनुसार, यह सड़क वर्ष 2018 में निर्मित हुई थी। निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क की सेंटर लाइन पर दरारें दिखाई देने लगी थीं, जो अब लगातार चौड़ी होती जा रही हैं। चारपहिया वाहन चालकों का कहना है कि तेज रफ्तार में ओवरटेकिंग के दौरान गैप से गुजरने पर वाहन को जोरदार झटका लगता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
ग्राम सेमरी के शिक्षक अशफाक हुसैन कादरी ने बताया कि ग्रामीण कई बार PWD अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन विभाग केवल गिट्टी और डामर डालकर अस्थायी मरम्मत करता है। भारी यातायात के कारण यह मरम्मत कुछ ही समय में फिर उखड़ जाती है।
पांच मौतों के बाद जागा था प्रशासन
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष कुआंखेड़ी-गुलाबगंज मार्ग पर इसी तरह की खामियों के कारण लगातार हादसे हो रहे थे। करीब पांच लोगों की मौत के बाद प्रशासन और PWD हरकत में आया था। इसी तरह अनड़या-बासौदा मार्ग पर भी सड़क की खराब स्थिति के चलते दो युवकों की जान चली गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि मीडिया द्वारा मुद्दा उठाने और अधिकारियों को मौके पर बुलाने के बाद ही सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन वह भी स्थायी नहीं थी। कुछ समय बाद सड़क में फिर दरारें उभर आईं।
निर्माण गुणवत्ता पर भी उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुआंखेड़ी से गंजबासौदा तक टू-लेन सीमेंट कंक्रीट सड़क का निर्माण पूर्व विदेश मंत्री Sushma Swaraj के प्रयासों से कराया गया था। आरोप है कि निर्माण कार्य करने वाली कंपनी की गुणवत्ता कमजोर होने के कारण सड़क शुरुआत से ही समस्याग्रस्त रही।
ग्रामीण बोले: स्थायी समाधान नहीं हुआ तो हो सकता है बड़ा हादसा
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की दरारों का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने PWD और जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तकनीकी जांच कराकर समस्या का स्थायी निराकरण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े।


