इदलिब। उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायल के हवाई हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। 18 अगस्त को हुए हमले में एयरबेस के रनवे और कुछ स्टोरेज क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हमले के बाद सीरिया, तुर्की और कई अरब देशों ने इसकी निंदा की, जबकि अमेरिका के सीरिया-इराक विशेष दूत टॉम बैरक ने इसे ‘अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम’ बताया।
इजरायल ने हमले को अपनी सुरक्षा चिंताओं से जोड़ा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के मुताबिक, सीरिया द्वारा अलेप्पो के पास एक एयरबेस पर तुर्की सैनिकों की संभावित तैनाती से दोनों देशों के बीच सुरक्षा मामलों में बनी ‘यथास्थिति’ प्रभावित हो सकती थी। इजरायल ने कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए पैदा होने वाले खतरों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
सीरिया ने बताया संप्रभुता का उल्लंघन
सीरिया ने हमले को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इजरायल की कार्रवाई की निंदा की है। सीरियाई सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस तरह के हमलों को रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की है। एयरबेस पर हुए हमले को लेकर क्षेत्रीय देशों में भी चिंता बढ़ी है।
1974 के समझौते का भी उठा मुद्दा
संयुक्त अरब अमीरात ने भी इजरायली हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और 1974 के सीरिया-इजरायल डिसइंगेजमेंट एग्रीमेंट का उल्लंघन बताया। अबू धाबी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीरियाई क्षेत्र में बार-बार हो रहे हमलों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की।
इजरायल ने तुर्की की संभावित तैनाती को बताया वजह
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सीरिया अलेप्पो के पास एक एयरबेस पर तुर्की सैनिकों की तैनाती की अनुमति देकर सुरक्षा संबंधी मौजूदा व्यवस्था को बदलने की ओर बढ़ रहा था। इजरायल ने दावा किया कि उसने सीरिया को इस संभावित तैनाती के सुरक्षा प्रभावों को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी।
तुर्की ने इजरायल के इस दावे को खारिज करते हुए हमले की आलोचना की है। अंकारा ने कहा कि वह सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में है।
अमेरिका ने जताई चिंता, तनाव कम करने पर जोर
अमेरिकी विशेष दूत टॉम बैरक ने हमले को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली हमला क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के बजाय तनाव को बढ़ा सकता है।
अमेरिका अब सीरिया, इजरायल और तुर्की के बीच गलतफहमी और आकस्मिक सैन्य टकराव को रोकने के लिए एक डी-कॉन्फ्लिक्शन मैकेनिज्म तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
जॉर्डन, कतर और तुर्की ने भी जताई आपत्ति
हमले के बाद सीरिया के अलावा जॉर्डन, कतर और तुर्की ने भी इजरायली कार्रवाई की आलोचना की है। इससे साफ है कि अबू अल-दुहूर एयरबेस पर हमला केवल इजरायल और सीरिया के बीच तनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे तुर्की समेत क्षेत्रीय शक्तियों के बीच भी तनाव बढ़ने की आशंका है।


