असम में 96 करोड़ खर्च कर जीतीं 82 सीटें
नई दिल्ली। BJP Election Funding: चुनावी चंदे के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस से काफी आगे निकल गई है। असम, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को कांग्रेस की तुलना में करीब 7 गुना अधिक चंदा मिला। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 15 मार्च से 4 मई तक के चुनावी दौर में भाजपा को 1,472.8 करोड़ रुपये, जबकि कांग्रेस को 207.17 करोड़ रुपये का चंदा मिला।
चुनाव आयोग ने बुधवार को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के चुनावी फंड से जुड़े आंकड़े जारी किए। हालांकि, केरल और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा के खर्च का पूरा विवरण अभी सामने नहीं आया है।
असम में भाजपा ने खर्च किए 96 करोड़, 82 सीटों पर जीत
चुनाव के दौरान भाजपा ने असम में सबसे ज्यादा 96.27 करोड़ रुपये खर्च किए। पार्टी ने यहां 82 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा के खाते में 22 सीटों का इजाफा हुआ।
पांच राज्यों के चुनाव परिणामों में असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में भाजपा ने सरकार बनाई। वहीं केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी।
चुनावी अवधि में भाजपा के फंड में 904.6 करोड़ का इजाफा
चुनावी अवधि के दौरान भाजपा के फंड में 904.6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। 15 मार्च को पार्टी के पास करीब 6,722.6 करोड़ रुपये थे। 6 मई तक यह राशि बढ़कर 7,627.2 करोड़ रुपये हो गई।
इसके मुकाबले कांग्रेस के चुनावी फंड में कमी दर्ज की गई। चुनावी अवधि की शुरुआत में कांग्रेस के पास करीब 169.06 करोड़ रुपये थे, जिसमें 22.9 करोड़ रुपये नकद और 146.1 करोड़ रुपये बैंक खातों में जमा थे। 6 मई तक यह राशि घटकर करीब 103.2 करोड़ रुपये रह गई।
तमिलनाडु में 51.56 करोड़ खर्च, मिली सिर्फ एक सीट
भाजपा ने असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुल करीब 159.7 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें करीब 130.4 करोड़ रुपये सामान्य पार्टी प्रचार पर और बाकी राशि उम्मीदवारों तथा चुनाव से जुड़े अन्य खर्चों पर खर्च हुई।
तमिलनाडु में भाजपा ने कुल 51.56 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें 44.51 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार और 7.05 करोड़ रुपये उम्मीदवारों से जुड़े खर्च में लगाए गए। इसके बावजूद पार्टी को तमिलनाडु में केवल एक सीट पर जीत मिली।
तमिलनाडु में भाजपा ने मीडिया विज्ञापनों पर करीब 23.96 करोड़ रुपये, स्टार प्रचारकों की यात्रा पर करीब 10.04 करोड़ रुपये और प्रचार सामग्री पर लगभग 5.85 करोड़ रुपये खर्च किए।
पुडुचेरी में भाजपा का खर्च 11.90 करोड़ रुपये
पुडुचेरी में भाजपा ने कुल 11.90 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें 9.19 करोड़ रुपये सामान्य पार्टी प्रचार और 2.71 करोड़ रुपये उम्मीदवारों से जुड़े खर्च में लगाए गए।
कांग्रेस ने पांच राज्यों में 248.55 करोड़ खर्च किए
कांग्रेस ने पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव में कुल 248.55 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें 143 करोड़ रुपये सामान्य पार्टी प्रचार और 105.55 करोड़ रुपये उम्मीदवारों पर खर्च किए गए।
कांग्रेस के केंद्रीय मुख्यालय ने पांचों राज्यों में सामान्य प्रचार पर 40.52 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि राज्य और स्थानीय इकाइयों ने इसी मद में 102.49 करोड़ रुपये खर्च किए।
कांग्रेस के सामान्य प्रचार खर्च में केरल का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा। पार्टी ने केरल में 59.28 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद असम में सामान्य प्रचार पर करीब 22.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
2024-25 में भाजपा की आय 6,769 करोड़ रुपये
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की 2024-25 की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा की कुल आय 6,769.15 करोड़ रुपये रही। चुनावी चंदे और पार्टी फंड के ताजा आंकड़े एक बार फिर दोनों प्रमुख राष्ट्रीय दलों के बीच वित्तीय संसाधनों के बड़े अंतर को सामने लाते हैं।


