बंगलुरू। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ महज 81 गेंदों में 92 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। हालांकि, वह शतक से महज 8 रन दूर रह गए।
42 गेंदों में पूरा किया अर्धशतक
वैभव ने सिर्फ 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश किया। अर्धशतक तक पहुंचने के दौरान उन्होंने 5 चौके और 3 छक्के लगाए थे। इसके बाद भी उन्होंने अपना आक्रमण जारी रखा और 92 रन तक पहुंच गए। उनकी पारी का स्ट्राइक रेट 113.58 रहा।
57 साल पुराना रिकॉर्ड किया ध्वस्त
वैभव की इस पारी की सबसे खास उपलब्धि उनका रिकॉर्ड रहा। उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 1969 में लक्ष्मण सिंह के नाम था।
लक्ष्मण सिंह ने 16 साल 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। वहीं, पूर्व भारतीय लेग स्पिनर पीयूष चावला ने 2005 में 16 साल 307 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़कर इस सूची में जगह बनाई थी।
ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत
बंगलूरू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जा रहे सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 266 रन बनाए। जवाब में ईस्ट जोन को वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 161 रन की साझेदारी की।
वैभव ने शुरुआत से ही सेंट्रल जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और आर्यन पांडेय, यश ठाकुर, अरशद खान और सारांश जैन की गेंदों पर आक्रामक शॉट लगाए। हालांकि, 92 रन के स्कोर पर हर्ष दुबे की गेंद पर वह अरशद खान को कैच दे बैठे।
शतक से चूके, लेकिन यादगार पारी खेल गए
वैभव सूर्यवंशी भले ही शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी 92 रन की पारी ने ईस्ट जोन को मजबूत शुरुआत दिलाई। 7 छक्के और 7 चौकों से सजी इस पारी ने एक बार फिर दिखाया कि कम उम्र में ही वैभव बड़े मंच पर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाने की क्षमता रखते हैं।


