भोपाल।Sagar Hooch Tragedy: मप्र के सागर जिले में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार को सागर पहुंचकर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शने की बात कही।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग में प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किया गया है। दिलीप कुमार ने सागर संभाग आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल ली है, जबकि इरशाद वली को सागर संभाग का IG बनाया गया है। सरकार का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
22 लोगों की मौत, मरीजों की संख्या पर अलग-अलग आंकड़े
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। शुरुआती दौर में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता रहा। 9 सितंबर की ताजा रिपोर्टों में 22 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि इससे पहले जिला प्रशासन की ओर से कम संख्या बताई गई थी और एक समय आधिकारिक आंकड़ा 15 बताया गया था। इस कारण मौतों के आंकड़े को लेकर भी सवाल उठे हैं।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी अलग-अलग समय पर बदली है। 8 सितंबर की रिपोर्ट में करीब 112 मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी सामने आई थी। इससे पहले 96 मरीजों के इलाज की जानकारी दी गई थी।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुरुआती जांच में जहरीली शराब में मेथेनॉल मिलावट की आशंका जताई थी, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि जांच और परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही होगी।
पीड़ित परिवारों को कितनी मदद?
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर भेजा गया।
दोषियों पर क्या कार्रवाई?
पुलिस ने मामले में 30 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई/FIR की है। शुरुआती कार्रवाई में 13 और बाद की रिपोर्टों में 14 गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों पर क्या एक्शन?
घटना के बाद आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों और दो पुलिसकर्मियों के निलंबन की जानकारी सामने आई है। बंडा की SDM आरती यादव को भी पद से हटाया गया।
जांच कौन करेगा?
सरकार ने पहले मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
30 आरोपियों पर कार्रवाई, 14 गिरफ्तार
अवैध शराब के नेटवर्क पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक ठेकेदार समेत करीब 30 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और 14 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस अवैध शराब की सप्लाई और वितरण के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
जांच में शराब की सप्लाई के संभावित स्रोतों को भी खंगाला जा रहा है। सागर पुलिस की जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से संभावित कनेक्शन की बात सामने आई, हालांकि यूपी पुलिस और आबकारी विभाग ने इस लिंक से इनकार किया है और ठोस सबूत मांगे हैं।
अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में अभियान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर की घटना के बाद अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए ‘फ्री हैंड’ देने की बात कही है। अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्तियों और अतिक्रमण पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक लापरवाही की भी होगी जांच
इस घटना ने आबकारी और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच का एक अहम पहलू यह होगा कि अवैध शराब का कारोबार इतने बड़े स्तर पर कैसे चल रहा था और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी थी या नहीं।
न्यायिक जांच में शराब की सप्लाई, बिक्री, वितरण, जिम्मेदार लोगों की भूमिका और प्रशासनिक लापरवाही समेत सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाए। सरकार का कहना है कि दोष साबित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


