भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की एथलीट पूजा ओला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। साई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीआरसी) भोपाल की धाविका पूजा ने भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर इंडिया इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
22 अगस्त को आयोजित इस प्रतियोगिता में पूजा ओला ने बेहतरीन रणनीति और जबरदस्त आत्मविश्वास के साथ दौड़ लगाई। उन्होंने 1500 मीटर की दूरी महज 4 मिनट 17 सेकंड में पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। रेस के शुरुआती चरण से ही पूजा ने अपनी पकड़ बनाए रखी और अंतिम लैप में अपनी गति बढ़ाते हुए प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया।
मेहनत, अनुशासन और प्रशिक्षण का मिला परिणाम
पूजा की इस ऐतिहासिक सफलता में साई सीआरसी भोपाल में चल रहे वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और विशेषज्ञ कोचिंग की अहम भूमिका रही है। लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर पूजा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित की है।
साई सीआरसी भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक अभिषेक सिंह चौहान ने पूजा को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और भारतीय एथलेटिक्स के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि पूजा ने अपनी मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से यह मुकाम हासिल किया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना उनकी क्षमता और आत्मविश्वास का प्रमाण है। उन्होंने पूजा के कोच और पूरी सपोर्ट टीम को भी इस सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
रणनीति और धैर्य ने दिलाया गोल्ड
पूजा के कोच सौरभ कुमार यादव ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान पूजा ने पूरी योजना के अनुसार प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत में अपनी ऊर्जा बचाए रखी और अंतिम चरण में अपनी रफ्तार बढ़ाकर जीत सुनिश्चित की।
कोच ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और दबाव के बीच बेहतर प्रदर्शन करना पूजा की सबसे बड़ी ताकत है। यह स्वर्ण पदक उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगा और आने वाली प्रतियोगिताओं में उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।
मिडिल डिस्टेंस एथलेटिक्स में बढ़ती पहचान
भुवनेश्वर में मिली इस सफलता के साथ पूजा ओला ने भारतीय मिडिल डिस्टेंस एथलेटिक्स में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। यह उपलब्धि उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गई है।
साई सीआरसी भोपाल में खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। पूजा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि भोपाल में तैयार हो रहे खिलाड़ी अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।


