उज्जैन। Raksha Bandhan 2026 रक्षाबंधन का पर्व इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसी दिन चंद्र ग्रहण की खबरों के कारण लोगों के बीच राखी बांधने के शुभ समय और सूतक काल को लेकर असमंजस है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार चंद्र ग्रहण सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में देशभर में रक्षाबंधन का पर्व सामान्य रूप से मनाया जा सकेगा।
सुबह 6:53 बजे से शुरू होगा चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां ग्रहण और सूतक का प्रभाव नहीं माना जाएगा।
राहुकाल में राखी बांधने से बचें
रक्षाबंधन के दिन राहुकाल सुबह 10:31 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। ऐसे में बहनें राहुकाल शुरू होने से पहले राखी बांध सकती हैं।
राखी बांधने के शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए ये शुभ समय बताए गए हैं-
पहला शुभ मुहूर्त: सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक
दूसरा शुभ मुहूर्त: सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक
तीसरा शुभ मुहूर्त: सुबह 9:10 बजे से 10:46 बजे तक
रक्षाबंधन 2026 का दिन का चौघड़िया
चर: सुबह 5:58 से 7:31 बजे तक
लाभ: सुबह 7:31 से 9:04 बजे तक
अमृत: सुबह 9:04 से 10:37 बजे तक
काल: सुबह 10:37 से दोपहर 12:10 बजे तक
शुभ: दोपहर 12:10 से 1:43 बजे तक
रोग: दोपहर 1:43 से 3:16 बजे तक
उद्वेग: दोपहर 3:16 से 4:49 बजे तक
चर: शाम 4:49 से 6:23 बजे तक
रात का चौघड़िया
रोग: शाम 6:23 से 7:57 बजे तक
काल: शाम 7:57 से 9:30 बजे तक
लाभ: रात 9:30 से 11:04 बजे तक
उद्वेग: रात 11:04 से 12:37 बजे तक
शुभ: रात 12:37 से 2:11 बजे तक
अमृत: रात 2:11 से 3:44 बजे तक
चर: रात 3:44 से 5:18 बजे तक
रोग: सुबह 5:18 से 5:58 बजे तक
भारत में ग्रहण नहीं, इसलिए सूतक भी नहीं
चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने के कारण यहां सूतक काल का धार्मिक प्रभाव नहीं रहेगा। इसलिए भाई-बहन बिना ग्रहण की बाधा के रक्षाबंधन का पर्व मना सकते हैं। हालांकि, शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और अपने क्षेत्र के विद्वान ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।


