नई दिल्ली।SpiceJet Flights:दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर शनिवार को स्पाइसजेट की कई उड़ानें ऑपरेशनल दिक्कतों के कारण प्रभावित हुईं। कुछ उड़ानों में काफी देरी हुई, जबकि कुछ उड़ानों को रद्द भी किया गया। इसके चलते बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, ग्राउंड स्टाफ प्रभावित यात्रियों की मदद कर रहा है और स्थिति को संभालने के लिए स्पाइसजेट के साथ समन्वय किया जा रहा है। फिलहाल स्पाइसजेट की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
चार दिन पहले दुबई की फ्लाइट 30 घंटे लेट हुई थी
स्पाइसजेट की उड़ानों में पिछले कुछ दिनों में देरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। 15 सितंबर को दिल्ली से दुबई जाने वाली एयरलाइन की दो उड़ानों में काफी देरी हुई थी। इनमें एक उड़ान करीब 30 घंटे, जबकि दूसरी करीब 19 घंटे की देरी से रवाना हुई थी।
लंबी देरी से परेशान करीब 200 यात्रियों ने उस दौरान एयरपोर्ट पर प्रदर्शन भी किया था।
वित्तीय और परिचालन चुनौतियों से जूझ रही एयरलाइन
स्पाइसजेट लंबे समय से वित्तीय और परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 3 सितंबर को कहा था कि सरकार एयरलाइन के संचालन और वित्तीय स्थिति को लेकर उसके साथ लगातार बातचीत कर रही है।
मंत्री के मुताबिक, एयरलाइन को अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है और स्पाइसजेट ने जल्द परिचालन में सुधार का भरोसा दिया है। उन्होंने यह भी बताया था कि एयरलाइन ने सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता नहीं मांगी है, हालांकि वह इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत फंड जुटाने की कोशिश कर रही है।
इस योजना के तहत सरकार बैंकों से लिए जाने वाले कर्ज पर गारंटी देती है, जिससे कंपनियों के लिए ऋण हासिल करना आसान होता है।
महंगे ईंधन और कम विमान इस्तेमाल से बढ़ा दबाव
एयरलाइंस पर विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों, एयरस्पेस बंद होने, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी और कम विमानों के इस्तेमाल जैसी वजहों से वित्तीय दबाव बढ़ा है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने मई में भारतीय एयरलाइंस के लिए ECLGS 5.0 को मंजूरी दी थी।
समय पर उड़ान के मामले में स्पाइसजेट का रिकॉर्ड कमजोर
समय पर उड़ान संचालन के मामले में भी स्पाइसजेट का प्रदर्शन इस साल बड़ी एयरलाइंस की तुलना में कमजोर रहा है। जुलाई में एयरलाइन की सिर्फ 34.5 प्रतिशत उड़ानें समय पर संचालित हुई थीं।
लगातार सामने आ रही देरी और उड़ानों के रद्द होने की घटनाओं के बीच यात्रियों को एयरलाइन की परिचालन व्यवस्था को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


