कोलकाता।Mamata Banerjee: तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। ममता ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को मूल पार्टी नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं।
ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’, दूसरे गुट को ‘लिफाफा’
चुनाव आयोग के फैसले के मुताबिक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया है।
वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। दोनों गुट इन नए नाम और चिह्न के साथ आगामी उपचुनाव में मैदान में उतरेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था आगामी उपचुनाव के लिए है। मूल पार्टी के नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न पर अंतिम फैसला अलग प्रक्रिया के तहत होगा।
ममता बोलीं- 28 साल से हमारे पास है चुनाव चिह्न
चुनाव आयोग के फैसले के बाद ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि आयोग उनकी पार्टी के उस चुनाव चिह्न को कैसे फ्रीज कर सकता है, जो करीब 28 वर्षों से पार्टी के साथ रहा है। उन्होंने कहा कि वह न झुकेंगी और न हार मानेंगी तथा इस फैसले के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगी।
ममता ने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीते, वही अब उस चिह्न पर दावा कर रहे हैं। उनके इन बयानों को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।
दोनों गुटों के उम्मीदवार मैदान में
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। दोनों गुटों ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। चुनाव आयोग के नए आदेश के बाद पहले से दाखिल उम्मीदवारों को संबंधित नए नाम और चुनाव चिह्न से जोड़ा जाएगा।
नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी के गुट ने संचिता प्रधान को उम्मीदवार बनाया था, जबकि दूसरे गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक मैदान में हैं। रेजीनगर सीट पर दोनों गुटों ने भी अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं।
9 अक्टूबर को आएगा उपचुनाव का परिणाम
पश्चिम बंगाल की दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। इन उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट पहली बार अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ मतदाताओं के बीच जाएंगे।


