नई दिल्ली। नीट-यूजी पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। गुरुवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के सांसदों के साथ अपने सरकारी आवास से गांधी स्मृति तक बस यात्रा और मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), समाजवादी पार्टी, आरजेडी, वाम दल, आईयूएमएल सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
मार्च के दौरान नेताओं ने राष्ट्रगान गाया और मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर उन छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाई, जिन पर हाल के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का प्रतीक बताया।
राहुल गांधी बोले- छात्र सड़क पर हैं, इसलिए हम भी सड़क पर हैं
रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने कहा कि जब देश के छात्र अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, तब विपक्ष का भी दायित्व है कि वह उनके साथ खड़ा रहे।
उन्होंने कहा, “हम पहले इंडिया गेट जाना चाहते थे, लेकिन अनुमति नहीं मिली। इसके बाद गांधी स्मृति जाने का फैसला किया गया। हमारा संदेश साफ है—देश के छात्रों की आवाज संसद से लेकर सड़क तक उठाई जाएगी।”
राहुल के आवास के बाहर कुछ देर तनाव
मार्च शुरू होने से पहले राहुल गांधी के सरकारी आवास के बाहर दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर बस को कुछ समय के लिए रोक दिया। अधिकारियों और नेताओं के बीच बातचीत के बाद रास्ता खोला गया और विपक्षी सांसद गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए।
रणनीति बैठक के बाद निकला विपक्ष का काफिला
गांधी स्मृति मार्च से पहले राहुल गांधी ने अपने आवास पर इंडिया गठबंधन के सांसदों की बैठक की। बैठक में नीट पेपर लीक, संसद के भीतर सरकार को घेरने की रणनीति और छात्रों के समर्थन में संयुक्त कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।
बैठक की सूचना मिलते ही राहुल गांधी के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए।
विपक्ष ने लगाए शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप
आरजेडी सांसद संजय यादव ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए, लेकिन किसी बड़े आरोपी को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि गांधी स्मृति मार्च छात्रों के संघर्ष के साथ एकजुटता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संदेश है।
विपक्ष की प्रमुख मांगें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच।
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की जवाबदेही तय की जाए।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- संसद और सड़क दोनों जगह सरकार से जवाब लिया जाए।
क्यों निकाला गया गांधी स्मृति मार्च?
विपक्ष का कहना है कि यह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों के समर्थन का अभियान है जो पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों से प्रभावित हुए हैं।
गांधी स्मृति पहुंचकर विपक्षी नेताओं ने छात्र आंदोलन के दौरान घायल छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई, लाठीचार्ज की निंदा की और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई।
पहले पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन, फिर हिरासत
इससे पहले राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी प्रदर्शन कर चुके हैं। उस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में सभी को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया।
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद से लेकर सड़क तक सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। विपक्ष इसे छात्रों के भविष्य का मुद्दा बताते हुए सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार मामले की जांच और कार्रवाई का भरोसा जता रही है।


