नई दिल्ली। लद्दाख के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें हाई कोर्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए जम्मू या श्रीनगर की लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने के लिए कानूनी व्यवस्था को मंजूरी दे दी है।
राष्ट्रपति ने ‘द यूनियन टेरिटरी ऑफ लद्दाख (सिटिंग ऑफ बेंच ऑफ द हाई कोर्ट ऑफ जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख इन लद्दाख) रेगुलेशन, 2026’ को मंजूरी दी है। इसके लागू होने के बाद लद्दाख में ही हाई कोर्ट की पीठ बैठ सकेगी। इससे दूरदराज और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए न्याय तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
लद्दाख में तय स्थान पर बैठेगी हाई कोर्ट की बेंच
नए विनियमन के तहत हाई कोर्ट के न्यायाधीश और खंडपीठ लद्दाख में तय किए जाने वाले किसी भी स्थान पर बैठ सकेंगे। इस स्थान का निर्धारण हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश करेंगे। इसके लिए लद्दाख के उपराज्यपाल की मंजूरी जरूरी होगी।
हालांकि, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की मौजूदा प्रधान पीठ की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश को यह अधिकार भी रहेगा कि लद्दाख से जुड़े किसी मामले को आवश्यकता के अनुसार जम्मू या श्रीनगर में सुनवाई के लिए भेज सकें।
अनुच्छेद 240 के तहत राष्ट्रपति ने जारी किया विनियमन
यह विनियमन संविधान के अनुच्छेद 240 के तहत राष्ट्रपति की संवैधानिक शक्ति का इस्तेमाल करते हुए जारी किया गया है। यह प्रावधान कुछ केंद्रशासित प्रदेशों में शांति, प्रगति और सुशासन के लिए राष्ट्रपति को विनियमन बनाने की शक्ति देता है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 58(2) भी लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच बैठाने के लिए कानूनी आधार प्रदान करती है। यह प्रक्रिया राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति से अलग है।
राजपत्र अधिसूचना के बाद लागू होगा प्रावधान
नए विनियमन को लागू करने की तारीख लद्दाख प्रशासन आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना जारी करके तय करेगा। इसके बाद लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच के बैठने का रास्ता पूरी तरह खुल जाएगा।
जम्मू-श्रीनगर की यात्रा से मिलेगी राहत
लद्दाख का बड़ा हिस्सा पहाड़ी और भौगोलिक रूप से दुर्गम है। ऐसे में न्यायिक मामलों की सुनवाई के लिए जम्मू या श्रीनगर जाना स्थानीय लोगों के लिए समय, खर्च और यात्रा की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा है।
लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच उपलब्ध होने से वादकारियों, वकीलों और आम नागरिकों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधा मिल सकेगी। इससे न्याय प्रक्रिया अधिक सुलभ और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति की मंजूरी को लद्दाख में न्याय तक पहुंच मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर हाई कोर्ट की पीठ की सुविधा मिलने से दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को लंबी न्यायिक यात्राओं से राहत मिलने की उम्मीद है।


