नई दिल्ली। संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर खाली कराए जाने के बावजूद Cockroach Janata Party (CJP) के समर्थकों ने एक बार फिर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार शाम कार्रवाई के करीब छह घंटे बाद प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंचे और देर रात तक नया मंच बनाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने कहा कि मंगलवार को भी संसद मार्च किया जाएगा। उनका कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे।
तीन प्रमुख मांगों को लेकर जारी है आंदोलन
प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में समर्थकों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुईं।
बताया जा रहा है कि पिछले 14 वर्षों में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद के मुख्य क्षेत्र तक पहुंचे। इससे पहले वर्ष 2012 में निर्भया कांड के विरोध प्रदर्शन के दौरान इस इलाके में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुआ था।
सोमवार को दिनभर क्या-क्या हुआ?
- जंतर-मंतर से संसद तक बड़े पैमाने पर मार्च निकाला गया।
- कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।
- केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
- अभिजीत दीपके समेत चार अनशनकारी छात्रों ने अपना अनशन समाप्त किया।
- सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का फैसला किया।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक की स्वास्थ्य रिपोर्ट तलब की और मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी।
- दिल्ली पुलिस के अनुसार झड़पों में 90 से 100 पुलिसकर्मी और 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए।
हिंसा के मामले में FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस ने कॉनॉट प्लेस स्थित रीगल सिनेमा के पास हुई हिंसा के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप- पुलिस ने किया लाठीचार्ज
आंदोलन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज केवल पुलिस की ओर से किया गया। उन्होंने दावा किया कि कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आईं, कुछ के सिर फूट गए और उन्हें सड़क पर घसीटा गया। रांका ने कहा कि सरकार से हुई बातचीत बेनतीजा रही और अब यदि सरकार वार्ता चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर बातचीत करनी होगी।
एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र
इस बीच एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर जंतर-मंतर पर हुई घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग की जांच, संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, दोषियों की जवाबदेही तय करने और सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।


