नई दिल्ली। देशभर के मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के मुस्लिम सांसद 24 जुलाई को राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक राष्ट्रीय बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक का आयोजन पूर्व राज्यसभा सांसद मोहम्मद अदीब के नेतृत्व वाले इंडियन मुस्लिम फॉर सिविल राइट्स (IMCR) द्वारा किया जा रहा है। इसमें 100 से अधिक मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
बैठक में मुस्लिम समुदाय से जुड़े विभिन्न सामाजिक, कानूनी और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इनमें उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में मस्जिदों और मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई, समान नागरिक संहिता (UCC), मॉब लिंचिंग, तथा चुनाव आयोग के विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में मौजूदा परिस्थितियों पर विस्तार से विचार-विमर्श होगा। सबसे महत्वपूर्ण चर्चा ‘गैर तआवुन तहरीक’ (असहयोग आंदोलन) के प्रस्ताव पर होगी। इस दौरान प्रतिनिधि इस बात पर मंथन करेंगे कि मौजूदा हालात में चुनाव बहिष्कार या सरकार के साथ असहयोग जैसे विकल्पों पर कोई सामूहिक रुख अपनाया जाना चाहिए या नहीं। हालांकि, इस संबंध में किसी निर्णय की घोषणा बैठक में विचार-विमर्श के बाद ही की जाएगी।
बैठक में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, असदुद्दीन ओवैसी, सांसद मोहिबुल्ला नदवी, अरशद मदनी, महमूद मदनी, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमाअत-ए-अहले हदीस और जमाअत-ए-इस्लामी सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
यह बैठक संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि बैठक में उठाए जाने वाले मुद्दों की गूंज संसद में भी सुनाई दे सकती है, जहां विपक्ष और संबंधित सांसद इन विषयों को उठाने का प्रयास कर सकते हैं।


