नई दिल्ली। पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का रास्ता अभी साफ नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार ने दावा किया है कि वह आंदोलनकारियों से चर्चा के लिए तैयार है और पिछले 24 घंटे में चार बार बातचीत का प्रस्ताव भेज चुकी है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने ष्टछ्वक्क प्रतिनिधियों को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बैठक के लिए आमंत्रित किया था। सरकार का कहना है कि वह बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालना चाहती है।
हालांकि, Cockroach Janata Party ने सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। संगठन ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है तो वह जंतर-मंतर आए या किसी निष्पक्ष स्थान पर बैठक करे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में जाकर बातचीत नहीं करेंगे।
24 जुलाई को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण आंदोलन करने की घोषणा की है। प्रदर्शनकारी हृश्वश्वञ्ज पेपर लीक मामले में दोषियों पर कार्रवाई, जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।
सोनम वांगचुक का अनशन जारी
आंदोलन में शामिल सोनम वांगचुक का अनशन भी जारी है। अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने कहा है कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का भरोसा देती है तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
सरकार बातचीत के लिए क्यों आगे आई?
लगातार बढ़ते आंदोलन और विपक्ष के समर्थन के बाद सरकार ने बातचीत की पहल तेज की है। आंदोलन से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम:
1. आंदोलन का विस्तार
सोनम वांगचुक के अनशन और छात्रों की लगातार भागीदारी के कारण आंदोलन को देश के कई हिस्सों में समर्थन मिलने लगा है।
2. विपक्ष का समर्थन
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरा है।
3. संसद मार्च के बाद बढ़ा दबाव
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया था।
4. संसद में भी उठा मुद्दा
विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जिससे संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।
5. नड्डा के घर बैठक पर आपत्ति
ष्टछ्वक्क का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष के आवास या कार्यालय में बैठक करने से आंदोलन पर राजनीतिक संगठन से जुड़े होने का आरोप लग सकता है। इसलिए वह जंतर-मंतर या किसी न्यूट्रल स्थान पर बातचीत चाहता है।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत की जगह को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। अब नजर 24 जुलाई के देशव्यापी प्रदर्शन और सरकार के अगले कदम पर है।


