नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में बुधवार रात प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारियों ने टॉल्स्टॉय मार्ग के पास पुलिसकर्मियों पर पत्थर और बोतलों से हमला किया, जिसमें कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
घटना के दौरान सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाठियां दिखाई दीं। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया और वाहनों में तोड़फोड़ की। करीब 15 मिनट तक चली झड़प के बाद स्थिति सामान्य कर ली गई।
इससे पहले पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश भी प्रदर्शनकारियों के हमले में घायल हुए थे। उन्होंने बताया कि एक पत्थर उनके माथे पर लगा था।
सुरक्षा के चलते 16 मेट्रो स्टेशन बंद
प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन गुरुवार सुबह बंद कर दिए गए थे। हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद सभी स्टेशन खोल दिए गए।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान एक सीआरपीएफ जवान पर हमले के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी सीआरपीएफ जवान के साथ मारपीट करते और वाहन पर पथराव करते नजर आ रहे हैं।
सोनम वांगचुक ने आंदोलन खत्म करने का दिया संकेत
लद्दाख के शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आंदोलन कर रहे युवाओं से अपील की है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाते हैं तो वे आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर सरकार से बातचीत का रास्ता अपना सकते हैं।
वांगचुक पिछले कई दिनों से शिक्षा व्यवस्था और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अनशन पर हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आंदोलनकारियों से संयम बरतने की अपील की।
सीजेपी ने रखी सरकार के सामने कई मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और नीट पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सीजेपी की मांगों में नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी शामिल है।
दिल्ली से बाहर भी मिला समर्थन
सीजेपी और सोनम वांगचुक के आंदोलन को देश के कई हिस्सों में समर्थन मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा अमेरिका के न्यूयॉर्क और सैन जोस समेत कुछ स्थानों पर भी वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन हुए।
संगठनों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की है।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की उम्मीद
वांगचुक से केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद आंदोलन को लेकर बातचीत की संभावनाएं बढ़ी हैं। हालांकि सीजेपी का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार फैसला नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।
अब सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर है।


