नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में संगठनात्मक बदलाव किए हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को तीनों राज्यों के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए। इन नियुक्तियों को चुनावी राज्यों में संगठन को मजबूत करने और रणनीति को धार देने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
विनोद तावड़े को यूपी की कमान
भाजपा ने राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। लंबे समय बाद यूपी भाजपा को पूर्णकालिक प्रभारी मिला है। ऐसे में नई टीम के सामने संगठन को सक्रिय करने के साथ आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को गति देने की चुनौती होगी।
सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को पंजाब का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। पंजाब में संगठन के विस्तार और आगामी चुनाव की तैयारियों के लिहाज से उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का फोकस राज्य में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर रहेगा।
तरुण चुघ संभालेंगे गुजरात
राज्यसभा सांसद तरुण चुघ को गुजरात का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। गुजरात में संगठन को और मजबूत करने तथा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी अब चुघ के पास होगी।
राष्ट्रीय टीम में भी हुआ बड़ा बदलाव
भाजपा ने इससे पहले सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। बीएल संतोष राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) के पद पर बने रहेंगे।
2027 के चुनावों पर भाजपा का फोकस
उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में नए प्रभारियों की नियुक्ति के साथ भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि वह 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियों को अभी से तेज करना चाहती है। तीनों राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों के बीच नए प्रभारियों के सामने संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी रणनीति को बूथ स्तर तक पहुंचाने की चुनौती होगी।



