सागर। Sagar Poisonous Liquor Case: सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित जहरीली शराब कांड के मुख्य फरार आरोपी शिवांजय राजपूत को पुलिस ने रविवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। बहरोल थाना क्षेत्र में कठुआ नाला के पास हुई कार्रवाई के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। उसने पुलिस पर तीन गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो राउंड फायर किए, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में लगी।
घेराबंदी होते ही पुलिस पर की फायरिंग
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 21 वर्षीय शिवांजय राजपूत, निवासी ग्राम छापरी, धामोनी-बहरोल मार्ग से अपने घर जाने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही बांदरी थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह और बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी।
पुलिस के अनुसार, खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ तीन फायर कर दिए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दो राउंड फायर किए गए, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
देशी कट्टा, कारतूस और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, तीन खाली कारतूस, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर जहरीली शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और शराब की सप्लाई के पूरे तंत्र के बारे में जानकारी जुटा रही है।
जहरीली शराब कांड का प्रमुख आरोपी
पुलिस के मुताबिक शिवांजय राजपूत अवैध शराब की सप्लाई से जुड़ा हुआ था और उसके खिलाफ पहले से ही तीन गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बंडा क्षेत्र के जहरीली शराब कांड में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की नजर
शिवांजय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब जहरीली शराब कांड से जुड़े अन्य आरोपियों और अवैध शराब के नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और सप्लाई में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। अब जांच का अगला फोकस यह पता लगाने पर है कि शराब की सप्लाई कहां से होती थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।


