भोपाल। NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ भोपाल में शक्ति प्रदर्शन करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यालय तक मार्च निकाला। हालांकि पुलिस ने पांच नंबर चौराहे पर बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा कई कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निकले इस मार्च में विधायक आरिफ मसूद, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भाजपा कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
इन मांगों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक पर संसद में तत्काल चर्चा, दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दर्ज एफआईआर वापस लेने तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि छात्रों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है और परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया जाना चाहिए।
आरिफ मसूद बोले- छात्रों के लिए संघर्ष जारी रहेगा
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह एक दिन पहले भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय तक प्रदर्शन किया था, उसी तरह कांग्रेस भी लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाना चाहती थी।
प्रदर्शन के दौरान युवक से मारपीट
प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड के पास मौजूद एक युवक के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई। पुलिस ने युवक को भीड़ से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। कुछ लोगों ने युवक पर जेब काटने का आरोप लगाया, जबकि घायल युवक माज कुरैशी ने दावा किया कि सोशल मीडिया पोस्ट से नाराज कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। हालांकि विधायक आरिफ मसूद ने इस घटना से अपने समर्थकों का संबंध होने से इनकार किया।
पुलिस की समझाइश के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
काफी देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की समझाइश पर प्रदर्शन समाप्त कर दिया। कार्यकर्ता शांतिपूर्वक वापस लौट गए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और वाटर कैनन भी तैनात रखा गया था, हालांकि उसका उपयोग नहीं करना पड़ा।
भाजपा का पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर NEET पेपर लीक मामले में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने जा रही है। उनके मुताबिक, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और CBI जल्द आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी। खंडेलवाल ने कहा कि केंद्र सरकार संसद में हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस बहस से बच रही है और छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ बनाने के लिए सख्त कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए हैं तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।


