महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को चेतावनी, योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए
भोपाल। मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं की सफलता केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर आम लोगों तक दिखाई देना चाहिए। मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया।
मंत्री भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ स्वरोजगार और रोजगार से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। उन्होंने महिला वित्त विकास निगम की गतिविधियों में गति लाने और आईपीई ग्लोबल (IPE Global) के साथ 1.6 लाख महिलाओं को जोड़ने के लिए हुए समझौते पर तत्काल अमल शुरू करने के निर्देश दिए।
कुपोषण मुक्त मध्यप्रदेश के लक्ष्य को लेकर मंत्री ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने खंडवा के मोर्टक्का क्षेत्र में बच्चों को ड्राई फ्रूट पाउडर उपलब्ध कराने के सफल प्रयोग की विस्तृत रिपोर्ट दो दिन में प्रस्तुत करने को कहा।
साथ ही इस मॉडल को इसी माह प्रदेश के अन्य जिलों में लागू करने की तैयारी करने के निर्देश दिए। तमिलनाडु सहित ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात और केरल के सफल कुपोषण नियंत्रण मॉडल का अध्ययन कर सितंबर तक कार्ययोजना तैयार करने के लिए भी कहा गया है।
बैठक में बताया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती के पहले चरण में 92 प्रतिशत और दूसरे चरण में 67 प्रतिशत नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री द्वारा उज्जैन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे, जिसके बाद अन्य जिलों में भी प्रक्रिया पूरी होगी।
मंत्री भूरिया ने टेक-होम राशन व्यवस्था को विभाग के अधीन स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले सप्ताह तक टेंडर और वितरण व्यवस्था का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करने को कहा।
विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पोषण ट्रैकर के आंकड़ों की जांच हेतु एम्स भोपाल द्वारा विकसित किए जा रहे एआई आधारित सिस्टम की समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) और निपसिड जैसी संस्थाओं का सहयोग लेने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाओं में आवश्यक नीतिगत संशोधन, सरलीकरण और विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय का प्रस्ताव अगले 15 दिनों में तैयार किया जाए, जिसकी समीक्षा पुनः की जाएगी।


