भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं, जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले चार दिनों में बारिश का दायरा धीरे-धीरे प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों तक बढ़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर बना अवदाब अब पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश करा रहा है। 19 अगस्त को इसका सबसे ज्यादा प्रभाव विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल में रहने की संभावना है। इसके बाद 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश का असर धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है।
इन 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।
प्रदेश में अब तक 22.6 इंच बारिश
मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 573.1 मिलीमीटर यानी 22.6 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 651.4 मिलीमीटर यानी 25.6 इंच होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 3 इंच बारिश कम हुई है और बारिश का आंकड़ा अभी 12 प्रतिशत कम है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम का मौजूदा सिस्टम सक्रिय रहा तो आने वाले दिनों में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
40 जिलों में अब भी बारिश का संकट
प्रदेश के 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी 19 प्रतिशत तक है।
बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में सामान्य से 4 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5 से 39 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है।
15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।
जून की कमी जुलाई में भी पूरी नहीं हुई
मौसम विभाग के अनुसार, जून में मध्य प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में मानसून ने रफ्तार पकड़ी और बारिश का मासिक कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया।
अब अगस्त के दूसरे पखवाड़े में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश फिर तेज होने के संकेत हैं। मध्य प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।


