भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने रविवार को दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।
वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ऊपर मानसून की द्रोणिका सक्रिय है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में बना चक्रवाती परिसंचरण अब निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
रविवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में हल्की बारिश हो सकती है।
इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश के आसार हैं।
इनमें दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
नरसिंहपुर में 3 इंच से ज्यादा बारिश
शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। नरसिंहपुर में करीब 3 इंच, श्योपुर में 2.8 इंच और रीवा में 2.2 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा शिवपुरी, सीधी, नर्मदापुरम, बालाघाट, छतरपुर, सागर, गुना, रायसेन, मंडला, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, उमरिया, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सतना और शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश हुई।
लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में नदी-नालों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सामान्य से 4.3 इंच पीछे बारिश
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 17.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि तक सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 21.5 इंच होना चाहिए था। यानी प्रदेश में अभी करीब 4.3 इंच बारिश कम हुई है।
यह सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 23 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा करीब 18 प्रतिशत है। बारिश की यह कमी खेती और फसलों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
50 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के ज्यादातर जिले अब भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में 5 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिले कम बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, देवास, धार, झाबुआ, बैतूल, हरदा, खंडवा और खरगोन समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।
सिर्फ 5 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश में केवल ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।
जून और जुलाई में भी रहा बारिश का घाटा
मानसून की शुरुआत से ही प्रदेश में बारिश सामान्य से कम रही है। जून में करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में कुछ दिनों तक अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन मानसून के दो बार कमजोर पड़ने के कारण बारिश का आंकड़ा फिर सामान्य से नीचे चला गया।
जुलाई के अंत में सक्रिय हुए मौसम तंत्र के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन इससे अब तक की कमी पूरी नहीं हो सकी है।
प्रदेश में सामान्य वार्षिक बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य वार्षिक बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के आसपास है। अब आने वाले दिनों में सक्रिय मौसम प्रणालियों से होने वाली बारिश पर प्रदेश के बारिश के कोटे की भरपाई काफी हद तक निर्भर करेगी।


