भोपाल। MP Weather मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बने मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। सतना और चित्रकूट में बारिश और बाढ़ से हालात ज्यादा प्रभावित हुए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए।
बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतना जिले में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने सतना और चित्रकूट समेत कई जिलों में अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इन 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे के दौरान इन जिलों में 4 इंच से अधिक बारिश होने का अनुमान है।
इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
3 सितंबर से भोपाल-उज्जैन समेत पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा असर
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से से द्रोणिका गुजर रही है और मानसून की द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। अगले तीन दिनों में सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है।
2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश बढ़ने के आसार हैं। 3 सितंबर से सिस्टम आगे बढ़ेगा और भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग को प्रभावित कर सकता है। 4 और 5 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज से भारी बारिश हो सकती है।
बांधों में 70 प्रतिशत तक पहुंचा पानी, बड़ा तालाब भरने के करीब
लगातार बारिश से प्रदेश के ज्यादातर बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कई बांधों में पानी 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है और कुछ बांधों के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई बांधों में अभी पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है।
भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह भरने से महज 0.30 फीट दूर है। बड़ा तालाब भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जाएंगे। भदभदा से छोड़ा गया पानी कलियासोत बांध में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।
प्रदेश में अब तक 27.8 इंच बारिश
मौसम केंद्र के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 707.1 मिलीमीटर यानी 27.8 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 31.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अभी करीब 3.1 इंच बारिश की कमी है। कुल बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 16 प्रतिशत है।
40 जिलों में बारिश सामान्य से कम
प्रदेश के करीब 40 जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बालाघाट, छतरपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।
पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी बारिश सामान्य से कम रही है। वहीं अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ समेत कुछ जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।


