भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार को बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सागर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहने की संभावना है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से चार इंच तक बारिश हो सकती है।
भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में शिवपुरी, विदिशा, गुना, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, उमरिया, शहडोल, मंडला और अनूपपुर शामिल हैं। भोपाल समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश होने के आसार हैं।
भोपाल में बुधवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही और देर रात तक पानी बरसता रहा। वहीं, सीहोर में तेज बारिश के दौरान दिन में ही अंधेरा छा गया।
29 अगस्त से बारिश की रफ्तार होगी कम
मौसम विभाग के मुताबिक 27 और 28 अगस्त को प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 29 और 30 अगस्त को तेज बारिश से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। फिलहाल मानसून ट्रफ, कम दबाव का क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं, जिसके कारण बारिश हो रही है। अगले दो दिनों के बाद इन सिस्टम के कमजोर होने की संभावना है। हालांकि, सितंबर की शुरुआत में एक बार फिर बारिश तेज हो सकती है।
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39 जिलों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश में अच्छी बारिश के बावजूद कई जिलों में मानसून की कुल बारिश सामान्य से कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 19 प्रतिशत तक बारिश की कमी बताई गई है।
बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडोरी समेत कई जिलों में सामान्य से 3 से 50 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 3 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
इसके विपरीत अनूपपुर, डिंडोरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।
जून की बारिश की कमी अब भी बरकरार
जून में मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में तेज बारिश के कारण स्थिति में सुधार हुआ और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया, जिससे कई दिनों तक बारिश कमजोर रही।
अगस्त के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसम सिस्टम ने बारिश की रफ्तार फिर बढ़ाई है। इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन में अब भी करीब 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
मध्यप्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।


