भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार मानसूनी बारिश ने बाढ़ के हालात पैदा कर दिये हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भोपाल के भदभदा और कलियासोत बांध के अलावा बरगी बांध के गेट भी खोले गए हैं। जबकि बांधों से पानी छोड़े जाने और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञानियों ने रविवार को प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना और सतना शामिल हैं।
इनके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, उज्जैन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, जबलपुर, मंडला, रीवा, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में भी हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।
भोपाल में बांधों के गेट खुले
राजधानी भोपाल में लगातार बारिश के चलते जलाशयों पर भी दबाव बढ़ा है। भदभदा के बाद कलियासोत बांध के गेट भी खोले गए। शनिवार शाम चार गेट खोले गए थे। पानी का दबाव कम होने के बाद इन्हें धीरे-धीरे बंद किया गया, जबकि रात में एक गेट खुला रहा।
कलियासोत नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। जलस्तर बढऩे की स्थिति में निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए निगरानी भी बढ़ाई गई है।
नदियों और जलाशयों पर बढ़ा दबाव
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार बारिश के बाद अब पश्चिमी और उत्तरी मध्यप्रदेश में भी मानसून सक्रिय हो गया है। नर्मदा सहित कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में पानी का बहाव तेज हो गया है।
बरगी बांध से भी पानी छोड़े जाने के कारण निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां जलस्तर तथा बांधों से छोड़े जा रहे पानी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कुल बारिश के आंकड़े में तेजी से सुधार हुआ है। 23 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
हालांकि पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। कुछ जिलों में सामान्य से 2 से 53 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।


