भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है, जिससे नदी-नालों और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। शहडोल के बाणसागर बांध में पानी की आवक अचानक बढ़ने के बाद छह गेट खोल दिए गए हैं। निचले इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। वहीं सतना के चित्रकूट में बाढ़ के हालात को देखते हुए स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
चित्रकूट में बाढ़ का मुख्यमंत्री ने लिया जायजा
चित्रकूट में रविवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया था। गोरगी बांध टूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। पानी उतरने के बाद घरों और सड़कों पर मिट्टी, कचरा और कीचड़ जमा हो गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में अतिक्रमण को भी बाढ़ की स्थिति बिगड़ने की संभावित वजह बताया।
बाणसागर बांध में तेजी से बढ़ी पानी की आवक
शहडोल के बाणसागर बांध में पानी की आवक कुछ ही घंटों में कई गुना बढ़ गई। पहले जहां बांध में 808.64 घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी आ रहा था, वहीं 12 घंटे में यह बढ़कर 2677.29 घन मीटर प्रति सेकंड हो गया।
बांध का जलस्तर पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 13 सेंटीमीटर अधिक है। रविवार दोपहर बांध के छह गेट खोल दिए गए। इसके बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आज 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
सितंबर के शुरुआती दिनों में भी भारी बारिश
बारिश से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं। मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।
फुल होने के करीब बड़ा तालाब
भोपाल में लगातार बारिश के बाद बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। यह पूर्ण जलभराव स्तर से सिर्फ 0.30 फीट नीचे है। तालाब के पूरी तरह भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जा सकते हैं।
भदभदा से पानी छोड़े जाने पर यह कलियासोत बांध तक पहुंचेगा, जिससे वहां भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है। प्रशासन जलस्तर और बारिश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
ज्यादातर बांधों में 70 फीसदी से ज्यादा पानी
प्रदेश में लगातार हुई बारिश का असर जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। अधिकांश बड़े बांधों में पानी का स्तर 70 फीसदी से अधिक पहुंच गया है। कई बांधों के गेट भी खोले जा चुके हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ बांधों में अभी जलभराव की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है।
MP में अब तक 27.2 इंच बारिश
मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश में अब तक करीब 700 मिलीमीटर यानी 27.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 30.4 इंच है। इस लिहाज से अब भी करीब 3.2 इंच बारिश कम है।
कुल बारिश सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 5 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में करीब 12 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।


