भोपाल/कटनी। मध्यप्रदेश में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा राजनीतिक और कानूनी संदेश दिया है। कटनी जिले के स्लीमनाबाद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा और “एक शादी करने वाले को ही कानूनन मध्यप्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए। उनका कहना था कि “एक प्रदेश, एक विधान” की भावना के अनुरूप सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना सरकार की प्राथमिकता है।
मानसून सत्र में पेश होगा UCC विधेयक
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि सरकार इसी महीने शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश करने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस कानून को पारित कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “एक से अधिक विवाह करने वालों का मध्यप्रदेश में कोई स्थान नहीं होगा। हमारी सरकार यह कानून पारित करेगी। जनता का समर्थन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद हमारे साथ है।”
‘एक प्रदेश, एक विधान’ पर जोर
सीएम ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए समान नागरिक संहिता आवश्यक है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून क्यों हों, जबकि सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित कानून सुशासन, समान अधिकार और सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का भी किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद में लगभग 12 किलोमीटर लंबी देश की सबसे बड़ी भूमिगत वाटर टनल का निरीक्षण भी किया। इसके बाद उन्होंने रोड शो किया और जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और आगामी विधायी एजेंडे की जानकारी दी।
20 जुलाई से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र
गौरतलब है कि 20 जुलाई से मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। इसी सत्र में सरकार UCC विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव इससे पहले भी कई सार्वजनिक मंचों से मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरा चुके हैं। UCC विधेयक को लेकर अब प्रदेश की राजनीति और विधानसभा में व्यापक बहस होने की संभावना है।


