भोपाल। मध्य प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (MP RERA) में लंबे समय से खाली चल रहे अध्यक्ष पद पर सरकार ने नियुक्ति कर दी है। पूर्व अपर मुख्य सचिव शैलेंद्र सिंह को मध्य प्रदेश रेरा का नया अध्यक्ष बनाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए।
सरकार ने रेरा में दो अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी की हैं। संजय गुप्ता को प्राधिकरण का सदस्य बनाया गया है, जबकि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रविंद्र सिंह को रेरा अपीलीय प्राधिकरण का सदस्य नियुक्त किया गया है।
पूर्व अपर मुख्य सचिव शैलेंद्र सिंह को मिली रेरा की कमान
शैलेंद्र सिंह प्रशासनिक सेवा में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्होंने इंदौर में अपर कलेक्टर के तौर पर भी काम किया है। इसके बाद वे प्रशासन में कई अहम पदों पर रहे और अपर मुख्य सचिव के पद तक पहुंचे।
अब सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश रेरा की कमान सौंपी है। अध्यक्ष के रूप में उनके सामने रियल एस्टेट परियोजनाओं की निगरानी, घर खरीदारों की शिकायतों का निराकरण और बिल्डर्स से जुड़े विवादों का निपटारा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।
मार्च से खाली था रेरा अध्यक्ष का पद
एमपी रेरा के पूर्व अध्यक्ष एपी श्रीवास्तव का कार्यकाल 6 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद से अध्यक्ष का पद खाली था। करीब पांच महीने बाद सरकार ने इस पद पर नियुक्ति की है।
शैलेंद्र सिंह का कार्यकाल पांच वर्ष या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक, इनमें से जो पहले हो, तब तक रहेगा।
घर खरीदारों की शिकायतों पर रहेगी नजर
रेरा का मुख्य उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखना और घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना है। प्राधिकरण के सामने प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन, निर्माण में देरी, कब्जा नहीं मिलने, घर खरीदारों की शिकायतों और बिल्डर्स से जुड़े विवादों के मामले आते हैं।
नई नियुक्तियों के बाद रेरा में लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने और प्राधिकरण के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है। खासतौर पर लंबे समय से अपने मामलों के निपटारे का इंतजार कर रहे घर खरीदारों को नई व्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है।


