भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में दो सक्रिय मौसमी तंत्रों के प्रभाव से अगले चार दिनों तक कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
दो मौसमी तंत्रों से बढ़ी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय मानसून द्रोणिका, पवन कतरन (विंड शीयर) क्षेत्र तथा पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बने निम्न दाब क्षेत्रों के कारण बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अगले चार दिनों तक कई जिलों में अच्छी वर्षा होने के आसार हैं।
बारिश की कमी होगी कम
हाल के दिनों में हुई बारिश से प्रदेश में वर्षा की कमी में सुधार देखने को मिला है। 20 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी, जो अब घटकर करीब 11 प्रतिशत रह गई है। इसके बावजूद प्रदेश अभी भी सामान्य औसत से पीछे है।
अब तक मध्य प्रदेश में करीब 330.4 मिमी (13 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 370.9 मिमी (14.6 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
इन जिलों में होगी बारिश
अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
वहीं पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं तेज से भारी बारिश हो सकती है।
जुलाई में अभी भी सामान्य से कम बारिश
मौसम विभाग का कहना है कि जून में कमजोर मानसून और जुलाई के मध्य में बारिश की रफ्तार धीमी होने से प्रदेश का कुल वर्षा आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में होने वाली अच्छी बारिश से इस कमी के और घटने की उम्मीद है। प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है, जिसमें जुलाई महीने का योगदान सबसे अधिक रहता है।


