सीएम मोहन यादव बोले-NEET समेत सभी परीक्षाओं के लिए तैयार होगी नई एसओपी
भोपाल। NEET paper leak मध्य प्रदेश सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इन अदालतों में पेपर लीक, परीक्षा अनियमितता और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य मामलों का अधिकतम तीन माह के भीतर निराकरण किया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों के हित में सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी।
विधार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। सरकार की पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है तथा उनके भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय समय की आवश्यकता है, इसलिए प्रदेश में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं।
परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने से एसओपी बनाएंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में नीट सहित सभी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जाएगी। परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, निगरानी और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
सीएम ने यह भी कहा
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही नीट पेपर लीक की जानकारी प्राप्त की, तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कराया। इसके बाद देशभर में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारियां की गईं और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार विद्यार्थियों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मप्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश शिक्षा सुधारों को लागू करने में हमेशा अग्रणी रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सबसे पहले लागू करने वाला राज्य मध्य प्रदेश है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं। युवाओं और विद्यार्थियों के कल्याण के लिए सरकार लगातार नए निर्णय ले रही है और आगे भी यह क्रम जारी रहेगा।
उच्च शिक्षा का तेजी से विस्तार
उन्होंने बताया कि देश में उच्च शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है। पहले जहां देश में 641 विश्वविद्यालय थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल शिक्षा की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर एक लाख से अधिक हो चुकी हैं।
चार शहरों में बनेंगे विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट
-भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थापित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट।
-पेपर लीक, परीक्षा अनियमितता और विद्यार्थियों से जुड़े मामलों की होगी सुनवाई।
-सभी मामलों का तीन माह के भीतर निराकरण करने का लक्ष्य।
-छात्रों को त्वरित न्याय और दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
नीट समेत सभी परीक्षाओं के लिए बनेगी नई एसओपी
-परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाएगा।
-स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे।
-प्रश्नपत्र सुरक्षा, निगरानी और परीक्षा संचालन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री बोले-‘राज्य सरकार हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़ी है और उनके भविष्य की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।’


